विवरण

चार धाम यात्रा में माँ गंगोत्री देवी गंगा को समर्पित है। यह पवित्र धाम समुद्र तल से 3100 मीटर की ऊंचाई पर भागीरथी नदी के तट पर स्थित है। प्राचीन कथाओं के अनुसार पतित पावनि  माँ गंगा को महान ऋषि भागीरथ की तपस्या से माँ गंगा को  भू लोक में लाया गया और माँ गंगा को भागीरथी का नाम दिया गया। परन्तु माँ गंगा जी के वेग को रोकने के लिए पृथ्वी पर इतनी शक्ति नहीं थी तो राजा भगीरथ ने भगवान शिव की तपस्या कर उनसे गंगा के वेग को रोकने का वरदान माँगा तब भगवन शिव ने अपने जटाओं में माँ गंगा को स्थान दिया उसके बाद देवी-गंगा को धरती पर माँ गंगा का पदार्पण किया जहाँ पर माँ गंगा ने अपने चरण रखे उसी स्थान पर चार धामों में से एक गंगोत्री धाम का निर्माण हुआ जो आज के समय में सम्पूर्ण विश्व में गंगोत्री धाम के नाम से विख्यात है

गंगोत्री राज मार्ग:-

घनघोर पहाड़ों के बीच सड़क मार्गों से उत्तरकाशी जगह से गंगोत्री तक पहुंच सकते हैं। गंगोत्री मंदिर की ओर यात्रा करते समय, भागीरथी नदी दाहिने तरफ देखा जा सकता है। पहाड़ी सड़कों में  रात्रि 8 बजे के बाद अनुमति नहीं है। रेल यान के द्वारा यान सिर्फ ऋषिकेश तक ही जाया जाता है आगे जाने का रास्ता बस या अपनी छोटी गाड़ियों के माध्यम से जाया जाता है यहाँ का सौंदर्य सदैव देखने लायक होता है मौसम सदैव ठंडा रहता है

स्थान:- उत्तरकाशी

स्थान

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