विवरण

चार धाम यात्रा के बाद हेमकुंड भारतीय राज्यों के उत्तराखंड राज्य में स्थित पाँचवें नंबर पर है। यह यात्रा के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक प्रसिद्ध स्थान है। यह हेमकुंड यात्रा हर साल मई के महीने में शुरू हो कर अक्टूबर में समाप्त होती है। यह हेमकुंड तीर्थयात्रा पुरे भारत वर्ष में लोकप्रिय है क्योंकि बर्फ से ढकी झील उत्तराखंड के पांचवें मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हो रही है। यह हेमकुंड धाम हिमालय पर्वत के सात छोटी पहाड़ियों के मध्य में स्थित है  उनमें से सबसे ऊँची पहाड़ी पर निसान साहिब (एक त्रिकोणीय ध्वज) और इसके चारों ओर एक अजीब परिदृश्य से सजा है। यह  समुद्र तल से 4,632 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, स्टार के आकार के शानदार सिख तीर्थयात्रा सिख धर्म के 10 वें गुरु गुरु गोबिंद सिंह को समर्पित है। यह धार्मिक सह-रोमांचकारी यात्रा लोगों को एक दूसरे के करीब लाती है।

हेमकुंड जाने का राजमार्ग-

बताया कि गोविंद घाट से हेमकुंड धाम तक यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए पेयजल शौचालयों की समुचित व्यवस्था की गई है। धाम के दर्शनों को जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए गोविंद घाट से पुलना गांव तक टैक्सी सुविधा उपलब्ध है। पैदल यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए घोड़े, खच्चर, डंडीकंडी की व्यवस्था है। ट्रस्ट की ओर से गुरुद्वारों में अतिरिक्त सेवादारों की व्यवस्था कर दी गई है। श्री हेमकुंड साहिब के रास्ते से बर्फ हटाने का काम जारी है, रेलयान के द्वारा यहाँ जन्मे के लिए ऋषिकेश तक जाना पड़ता है यहाँ से बस या छोटी गाड़ियों द्वारा जाना पड़ता है।

स्थान: उत्तराखंड, भारत

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