arkadaşlık sitesi porno adana escort लाभ पंचमी: 2021 तिथि, पूजा विधि और महत्व !-- Facebook Pixel Code -->

लाभ पंचमी, तिथि, अनुष्ठान और महत्व

लाभ पंचमी के दिवाली के त्यौहार का अंतिम माना जाता है। इस पंचमी को सौभाग्य लाभ पंचम भी कहा जाता है। सौभाग्य का मतलब होता है अच्छा भाग्य और लाभ का मतलब अच्छा फायदा। इसलिए इस दिन को भाग्य और अच्छा लाभ का दिन माना जाता है। यह गुजरात में मनाई जाती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन पंचमी यह त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन को अत्यधिक शुभ माना जाता है. गुजरात के लोग अत्यधिक धन और समृद्धि के लिए पूर्ण उत्साह के साथ देवी लक्ष्मी और भगवान गणेशजी की पूजा और प्रार्थना करते हैं। लाभ पंचमी गुजरात न्यू इयर के हिसाब से पहला कामकाजी दिन होता है. गुजरात में अकसर काम करने वाले लोग को दिवाली मान कर लाभ पंचमी को मनाते है।

लाभ पंचमी 2021 तिथि

लाभ पंचम या लाभ पंचमी हिंदू कैलेंडर की पंचमी तिथि को कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष में मनाई जाती है। साल 2021 में लाभ पंचमी 09 नवंबर मंगलवार को पड़ रही है। इसका शुभ मुहूर्त सुबह 06:40 बजे से 10:17 बजे तक रहेगा.

लाभ पंचमी की पूजा विधि

इस दिन लोग शारदा पूजा भी करते हैं। ऐसा माना जाता है कि जो लोग दीवाली पर इल पूजा करना भूल जाते हैं। तो व्यापारिक समुदाय से जुड़े सभी लोग, इस दिन अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को खोलते हैं और नए बही-खातों की पूजा करते हैं। साथ ही जो व्यवसायिक लोग होते है वो इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान गणेशजी की प्रार्थनाऐं और पूजा करते हैं। जिससे वह लोग आने वाले वर्ष में सफलता का आशीर्वाद पा सकें। रिश्तेदार और मित्र के साथ मिलकर एक दूसरे को मिठाई और उपहार देकर शुभकामनाऐं देते हैं। साथ ही कुछ विशिष्ट संस्कृतियों में, लोग अपने ज्ञान और बुद्धिमता को बढ़ाने के लिए अपनी किताबों की पूजा करते हैं। इस दिन शुभ अफसर पर जरूरतमंद और गरीब लोगों को पैसे, कपड़े, भोजन और अन्य आवश्यक चीजों का दान करना चाहिऐं। ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनांए पूरी होती है।

- सुबह जल्दी उठकर नहाएं।
- नहाने के बाद भगवान सूर्य को जल दें।
- उसके बाद भगवान गणेश और मां लक्ष्मी जी की प्रतिमाओं के सामने बैठें. पूजन करें. गणपति जी को चंदन, सिंदूर, अक्षत, फूल, दूर्वा आदि अर्पित करें. मां लक्ष्मी को गुलाब अर्पित करें. लाल वस्त्र, इत्र, फल आदि अर्पित करें. इस दिन सौभाग्य प्राप्ति के लिए विवाहित महिलाओं को भगवान शिव-मां पार्वती की पूजा करनी चाहिए। साथ ही गणेश भगवान को मोदक, दूध यानी सफेद पकवान का भोग लगाना चाहिए।

लाभ पंचमी मंत्र

निम्न मंत्रों से श्री गणेश व शिव का स्मरण व जाप करना चाहिए. गणेश मंत्र – लम्बोदरं महाकायं गजवक्त्रं चतुर्भुजम्। आवाहयाम्यहं देवं गणेशं सिद्धिदायकम्।।, शिव मंत्र – त्रिनेत्राय नमस्तुभ्यं उमादेहार्धधारिणे। त्रिशूलधारिणे तुभ्यं भूतानां पतये नम:।। इसके पश्चात  मंत्र स्मरण के बाद भगवान गणेश व शिव की धूप, दीप व आरती करनी चाहिए।द्वार के दोनों ओर स्वस्तिक का निर्माण करें तथा भगवान को अर्पित प्रसाद समस्त लोगों में वितरित करें व स्वयं भी ग्रहण करें।

लाभ पंचमी का महत्व

लाभ पंचमी की पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी हो जाती है। यह सौभाग्य वर्धन करने वाला दिन माना गया है। इसे केवल लाभ पंचमी ही नहीं बल्कि ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी के साथ गणेश जी की पूजा भी की जाती है।

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