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रथ सप्तमी 2021 तिथि और पूजा मुहूर्त

रथ सप्तमी वह सप्तमी है जो माघ माह में शुक्ल पक्ष को आती है। सप्तमी तिथि भगवान सूर्य को समर्पित है, सूर्य को सात सफेद घोड़ों के साथ एक रथ पर बैठा हुआ कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि भगवान सूर्य देव ने रथ सप्तमी के दिन पूरी दुनिया को जगाना शुरू कर दिया था, यानी इसे भगवान सूर्य का जन्मदिन भी माना जाता था। इसलिए इस दिन को सूर्य जयंती के रूप में भी परिभाषित किया जाता है।

रथ सप्तमी तिथि

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, शुक्ल पक्ष के दौरान माघ महीने में 7 वें दिन, अर्थात सप्तमी तिथि, रथ सप्तमी का उत्सव मनाया जाता है।

सप्तमी तिथि प्रारम्भ - फरवरी 18, 2021 को 08:17 AM

सप्तमी तिथि समाप्त - फरवरी 19, 2021 को 10:58 AM

रथ सप्तमी की पौराणिक कथा

रथ सप्तमी या माघी सप्तमी की कथा पुराणों में इस प्रकार दी गई है। कहा जाता है कि एक गणिका नाम की महिला ने अपने पूरे जीवन में कभी कोई दान-पुण्य का कार्य नहीं किया था। जब उस महिला का अंत काल आया तो वह वशिष्ठ मुनि के पास गई। महिला ने मुनि से कहा कि मैंने कभी भी कोई दान-पुण्य नहीं किया है तो मुझे मुक्ति कैसे मिलेगी। मुनि ने कहा कि माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को अचला सप्तमी है। इस दिन किसी अन्य दिन की अपेक्षा किया गया दान-पुण्य का हजार गुना प्राप्त होता है। इस दिन पवित्र नदि में स्नान करके भगवान सुर्य को जल दें और दीप दान करना चाहिए और दिन में एक बार बिना नमक के भोजन करना चाहिए। ऐसा करने से महान पुण्य की प्राप्ति होती है। गणिका ने वशिष्ठ मुनि द्वारा बताई हर बात का सप्तमी के दिन व्रत और विधि पूर्वक कार्य किया। कुछ दिन बाद गणिका ने शरीर त्याग दिया और उसे स्वर्ग के राजा ईंद्र की अप्सराओं का प्रधान बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।


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