अम्बा माता मंदिर

देश: इंडिया

राज्य : गुजरात

इलाका / शहर / गांव:

पता :Ambai Faliyu, Madh Street, Shreenath Nagar, Junagadh, Gujarat 362001, India

परमेश्वर : देवी

वर्ग : प्रसिद्ध मंदिर

दिशा का पता लगाएं : नक्शा

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अम्बा माता मंदिर

अम्बा माता मंदिर गिरनार पर्वत के शीर्ष पर स्थित है जो गुजुरात राज्य के जूनागढ़ में स्थित है। यह भारत के प्राचीन मंदिरों में से एक और भारत का अति उत्कृष्ट तीर्थस्थल है। गिरनार माउंटेन जुनागढ़ का एक महत्वपूर्ण स्थल है और इस प्रकार पूरे वर्ष हजारों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है। यह 12 वीं सदी की शुरुआत में स्थापित देवी अम्बा के पैरों के निशान प्राप्त  मिलते हैं जो मंदिर से पहले जुनागढ़ पहाड़ों का निर्माण करने से पहले यहां देखा गया था।

माना जाता है कि यह मंदिर लगभग बारह सौ साल पुराना है। इस मंदिर के जीर्णोद्धार का काम 1975 से शुरू हुआ था और तब से अब तक जारी है। श्वेत संगमरमर से निर्मित यह मंदिर बेहद भव्य है। मंदिर का शिखर एक सौ तीन फुट ऊंचा है। शिखर पर 358 स्वर्ण कलश सुसज्जित हैं।

मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर गब्बर नामक पहाड़ है। इस पहाड़ पर भी देवी मां का प्राचीन मंदिर स्थापित है। माना जाता है यहां एक पत्थर पर मां के पदचिह्न बने हैं। पदचिह्नों के साथ-साथ मां के रथचिह्न भी बने हैं। अम्बाजी के दर्शन के उपरान्त श्रद्धालु गब्बर जरूर जाते हैं। हर साल भाद्रपदी पूर्णिमा के मौके पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा होते हैं। भाद्रपदी पूर्णिमा को इस मंदिर में एकत्रित होने वाले श्रद्धालु पास में ही स्थित गब्बरगढ़ नामक पर्वत श्रृंखला पर भी जाते हैं, जो इस मंदिर से दो मील दूर पश्चिम की दिशा में स्थित है। प्रत्येक माह पूर्णिमा और अष्टमी तिथि पर यहां मां की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। यहां फोटोग्राफी निषेध है।

मंदिर में कोई मूर्ति नहीं है परन्तु इस स्थान पर एक पिंड रूपी अद्भुद पत्थर स्थापित है इस स्थान पर प्राचीन काले पत्थरों पर  51 'श्लोक लिखित रूप में प्राप्त  है।  जिनमें शक्ति पीठों को उत्कीर्ण किया गया है।

मंदिर तक पहुँचने का मार्ग:

हवाई जहाज के माध्यम से- निकटतम हवाई अड्डा अहमदाबाद लगभग 17 9 किमी दूर है।

सड़क- पालनपुर के माध्यम से 144 किलोमीटर दूर स्थित है।

रेलवे के माध्यम से- निकटतम रेलवे पलानपुर 60 किमी दूर स्थित है।

इतिहास:-

शक्तिस्वरूपा अम्बाजी देश के अत्यंत प्राचीन 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। वस्तुतः हिन्दू धर्म के प्रमुख बारह शक्तिपीठ हैं। इनमें से कुछ शक्तिपीठ हैं- कांचीपुरम का कामाक्षी मंदिर, मलयगिरि का ब्रह्मारंब मंदिर, कन्याकुमारी का कुमारिका मंदिर, अमर्त-गुजरात स्थित अम्बाजी का मंदिर, कोल्हापुर का महालक्ष्मी मंदिर, प्रयाग का देवी ललिता का मंदिर, विंध्या स्थित विंध्यवासिनी माता का मंदिर, वाराणसी की मां विशालाक्षी का मंदिर, गया स्थित मंगलावती और बंगाल की सुंदर भवानी और असम की कामख्या देवी का मंदिर। ज्ञात हो कि सभी शक्तिपीठों में मां के अंग गिरे हैं।

नवरात्रि में यहां का वातावरण आकर्षक और शक्तिमय रहता है। नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि पर्व में श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां माता के दर्शन के लिए आते हैं। इस समय मंदिर प्रांगण में गरबा करके शक्ति की आराधना की जाती है। समूचे गुजरात से कृषक अपने परिवार के सदस्यों के साथ मां के दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं। व्यापक स्तर पर मनाए जाने वाले इस समारोह में भवईऔर गरबाजैसे नृत्यों का प्रबंध किया जाता है। साथ ही यहां पर सप्तशती’ (मां की सात सौ स्तुतियां) का पाठ भी आयोजित किया जाता है।

इतिहास

पूजा समय

दिन सुबह शाम
Monday-Sunday 07:00 Am 04:00 Pm
Monday-Sunday Pm 07:00 Pm - 09:30 Pm

नक्शा

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