जापानी बौद्ध मंदिर

देश: इंडिया

राज्य : पश्चिम बंगाल

इलाका / शहर / गांव:

पता :Rajbari, Darjeeling, West Bengal 734102, India

परमेश्वर : भगवान बुद्ध

वर्ग : मठ

दिशा का पता लगाएं : नक्शा

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जापानी बौद्ध मंदिर

निप्पोंज़न मायोोजी (जापानी) बौद्ध मंदिर भगवान बुद्ध को समर्पित है। विश् में शांति लाने के लिए इस स्तूप की स्थापना फूजी गुरु जो कि महात्मा गांधी के मित्र  ने की थी। भारत में कुल : शांति स्तूप हैं। निप्पोजन मायोजी बौद्ध मंदिर जो कि दार्जिलिंग में  एक है। इस मंदिर का निर्माण कार्य 1972 . में शुरु हुआ था। यह मंदिर 1 नवम्बर 1992 . को आम लोगों के लिए खोला गया। इस मंदिर से पूरे दार्जिलिंग और कंचनजंघा श्रेणी का अति सुंदर नजारा दिखता है।

मंदिर तक पहुँचने का मार्ग:

जापानी बौद्ध मंदिर कार / टैक्सी / कैब द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है और इसलिए, आगंतुक शहर से टैक्सी / कार ले सकते हैं और केवल शहर से जापानी बौद्ध मंदिर तक दस मिनट में आसानी से  पहुंच सकते हैं। पार्किंग से मंदिर परिसर तक पहुंचने में पांच या छह मिनट लगते है। अगर कोई भी यात्री पैदल मार्ग से यात्रा करना चाहता है तो प्रेम भाव और सरलता से यात्रा कर सकता है।

हवाई मार्ग:

यह स्थान देश के हरेक जगह से हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है। बागदोगरा (सिलीगुड़ी) यहां का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा (90 किलोमीटर) है। यह दार्जिलिंग से 2 घण्टे की दूरी पर है। यहां से कलकत्ता और दिल्ली के प्रतिदिन उड़ाने संचालित की जाती है। इसके अलावा गुवाहाटी तथा पटना से भी यहां के लिए उड़ाने संचालित की जाती है।

रेलमार्ग:

इसका सबसे नजदीकी रेल जोन जलपाइगुड़ी है। कलकत्ता से दार्जिलिंग मेल तथा कामरुप एक्सप्रेस जलपाइगुड़ी जाती है। दिल्ली से गुवाहाटी राजधानी एक्सप्रेस यहां तक आती है। इसके अलावा ट्वाय ट्रेन से जलपाईगुड़ी से दार्जिलिंग  तक जाया जा सकता है।

सड़क मार्ग:

यह शहर सिलीगुड़ी से सड़क मार्ग से भी अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। दार्जिलिंग सड़क मार्ग से सिलीगुड़ी से 2 घण्टे की दूरी पर स्थित है। कलकत्ता से सिलीगुड़ी के लिए बहुत सी सरकारी और निजी बसें चलती है।

इतिहास:

लोग कहते हैं कि जापानी बौद्ध मंदिर से संबंधित कुछ पौराणिक कहानियां जैसे वैष्णली में अम्रपाली द्वारा आम ग्रोव का उपहार और सिद्धार्थ के महान प्रस्थान। परिक्रमा के दौरान बुद्ध के चार अवतार, जिसमें बुद्ध की मुद्राएं जैसे बैठना, सोना, खड़ा होना और ध्यान करना शामिल है। शांति पगोडा मंदिर के नजदीक स्थित है जो भगवान बुद्ध के बुनियादी चार अवतार प्रदर्शित करता है। एक पौराणिक कथा के अनुसार दार्जिलिंग पहाड़ी स्टेशन में यह सबसे ऊंची मुक्त खड़ी संरचना है। ऊंचाई 28.5 मीटर है और व्यास 23 मीटर है। मंदिर के आधार के अंदर- यह पगोडा दो तरफ शेरों के दो ठोस मॉडल के साथ बैठे हैं। हालांकि, बुद्ध के अवतार सभी बड़े मूर्तियों के रूप में हैं और इस प्रकार दीवारों में नक्काशीदार हैं और सोने के रंग में पॉलिश किए गए हैं। यह जापान के डॉ एम ओका द्वारा डिजाइन किया गया था और जापानी मंदिर का निर्माण किया गया।

पूजा-समय

सोमवाररविवार

प्रातः काल 04.30

सांय काल 07:00

इतिहास

पूजा समय

दिन सुबह शाम
Monday-Sunday 04.30 Am 07: 00 Pm
Monday-Sunday Morning prayer timing: 04.30 Am to 6.30 Am Evening prayer timing: 04.30 Pm to 6.30 Pm

नक्शा

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