श्री देवी तालाब मंदिर

देश: इंडिया

राज्य : पंजाब

इलाका / शहर / गांव:

पता :Tanda Road, Shiv Nagar, Industrial Area Jalandhar, Punjab 144001 India

परमेश्वर : देवी

वर्ग : प्रसिद्ध मंदिर

दिशा का पता लगाएं : नक्शा

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श्री देवी तालाब मंदिर

श्री देवी तालाब मंदिर भारत में पंजाब राज्य के जालंधर शहर के दोआबा चौक पर स्थित है। यह मंदिर जालंधर शहर के बीचो बीच है जहाँ से रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की दूरी केवल 1 km हीं है देवी तालाब मंदिर एक बहुत ही प्रसिद्ध  धार्मिक स्थल है। ये मंदिर पूरे 51 शक्ति पीठों में से एक कहलाता है। कहा जाता है की ये मंदिर लगभग 200 वर्ष पुराना है एक लोककथा के मुताबिक कहा जाता है की ये मंदिर उस जगह पर बना है जहाँ पर देवी सती का दाहिना स्तन  कट कर गिरा था इस मंदिर का खोज एक सेवानिवृत्त सत्र न्यायाधीश श्री मोहन लाल चोपड़ाद्वारा किया गया था


मंदिर तक पहुँचने का मार्ग:-

वायु द्वारा:-  मंदिर पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा गुरुरामदास  जी  हवाई अड्डा (80 किलोमीटर दूर) है।


रेल द्वारा:-  जलंधर सिटी रेलवे स्टेशन जो दिल्ली में सीधी ट्रेनों से जुड़ता है, (375 किमी), कलकत्ता, मुंबई, पुरी, नागपुर, जम्मू इत्यादि।


सड़क से:-  पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ (160 किलोमीटर), यूपी, जम्मू-कश्मीर आदि की बस सेवाओं का एक विशाल नेटवर्क है।


इतिहास:-

मंदिर की कहानी माता सती से जुड़ा हुआ है की कैसे उन्होंने अपने पिता के बाद खुद का बलिदान दिया था ऐसा कहा जाता है की जब माता सती ने अपना बलिदान दिया था तब उनके पति, भगवान शिव जी ने क्रोध में कर अपनी पीड़ा को कम करने के लिए अपनी तीसरी आंखें खोली थी और अपनी पत्नी सती के शरीर के साथ तांडव (नृत्य) किया था भगवान शिव के इस क्रोध के भय से और ब्रह्मांड को बचाने के लिए, भगवान विष्णु जी ने अपने सुदर्शन चक्रको भेजा नतीजतन, इस चक्र से माता सती का शरीर कई टुकड़ों में कट कर पृथ्वी पर बिखर गया था। और जहाँ जहाँ उनके शरीर का टुकड़ा गिरा था वहां वहां एक धार्मिक स्थल का निर्माण कर दिया गया जिसे आज सब शक्ति पीठों के रूप में जानते है।

पंच मंदिर- यह सुंदर मंदिर कपूरथला शहर में स्थित है जो जलंधर से 21 किमी दूर है और कपोर्थला राज्य, फतेह सिंह अहलूवालिया के संस्थापक द्वारा बनाया गया था। केंद्र में वास्तुशिल्प गुंबद विभिन्न देवताओं के साथ विभिन्न छोटे मंदिरों से घिरा हुआ है।


तुलसी मंदिर - यह शहर में सबसे हड़ताली प्राचीन स्मारक मंदिर है और इस प्रकार जलंधर की पत्नी वृंदा को समर्पित है, जो कि किशन चंद लोकैलिटी में तुलसी मंदिर के रूप में नामित है।


सोडाल मंदिर - भक्त सितंबर के महीने में इकट्ठे होते हैं क्योंकि यह एक बाल देवता है।


अन्नपूर्णा देवी मंदिर - मंदिर कोट किशन चंद, जलंधर के पुराने इलाके में स्थित है।


शिव मंदिर - देवी तालाब मंदिर को हाल ही में पुनर्निर्मित किया गया है और इसके पुराने ढांचे में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। इस मंदिर के मुख्य आकर्षणों में से एक पुराना टैंकहै जो की यहाँ आने वाले सभी हिंदू भक्तों द्वारा पवित्र माना जाता है। इस मंदिर का रात का दृश्य विशेष रूप से नवरात्री के समय बहुत हीं सुंदर दिखता है। कहा जाता है की यह जगह दिल की शांति देती है। हर वर्ष दिसंबर  के महीने में इस मंदिर में हरिबल्लभ संगीत सम्मेलनकिया जाता है जिसे सुनने के लिए दूर दूर के संगीतकार और यात्री भी एक बड़ी संख्या में आते है। प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीत प्रतिपादक  दोनों हीं एक साथ आते हैं और इस मेले में अपना प्रदर्शन करते हैं यह संगीत लोगों को एक बेहतरीन संगीत सुनने का अवसर प्रदान करता है।

पूजा समय

सोमवार - रविवार

प्रातः काल:06:00

सांय काल:10:00

इतिहास

पूजा समय

दिन सुबह शाम
Monday-Sunday 06:00 Am 10:00 Pm

नक्शा

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