Home ज्योतिष आपके जीवन में नौ ग्रहों और उनकी भूमिकाएं

आपके जीवन में नौ ग्रहों और उनकी भूमिकाएं

नौ ग्रह , नवग्रह होते है जो आपके जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है. माना जाता है की इनकी स्थिति और चाल किसी व्यक्ति के जन्म -समय के दौरान उसके भूत, वर्तमान तथा भविष्य का निर्णय करता है. हिन्दू धर्म में , हम इन नौ ग्रहों की पूजा करते है ताकि इनके दुस्प्रभाओ को खत्म कर सके और सुख ला सके. आईए समझते है की हर एक ग्रह कैसे हमारे जीवन को प्रभावित करते है.

Sun ( सूर्य )

 

वह सूर्य देव है जो रवि के नाम से भी जाने जाते है. ग्रहों की अवस्था में ये बीच में होते है और बाकी के ग्रह इनके चारों तरफ घूमते है.

सूर्य का काम बिल्कुल वैसा ही है जैसे ये स्वयं है! ये हर एक को इच्छा शक्ति , उर्जा और अच्छी किस्मत देते है. ये केवल व्यक्तित्व, रूप, बुद्धि और सफलताओं का निर्धारण करने के लिए उत्तरदायी है. सूर्य , सिंह राशि के मालिक है.

Moon (चन्द्र)

 

ये सोम के नाम से भी जाने जाते है. चन्द्र के घटने के गुण के कारण ,आप हमेशा देवताओं या उनके चित्रों में इनका केवल ऊपरी भाग देखते है.

चन्द्र जीवन के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को देखते है. ये आपके बढ़ोतरी, उन्नति, संबंधो और समस्त भावुक गुणों का निर्णय करते है. चन्द्र के अच्छे प्रभाव व्यक्ति के सुसंगत जीवन को सुनिश्चित करने में सहायता करते है.

Mars (मंगल)

 

ये देव अन्गारका के नाम से भी जाने जाते है. इन्हें काफी निर्दयी भी कहा जाता है.

मंगल , स्वतंत्रता, व्यक्तिवाद और आदर्शवाद को प्रदर्शित करते है. यह ग्रह मेष और वृश्चिक राशि पर शासन करता है. चूँकि यह एक उग्र ग्रह है , ये राशि को आक्रमक भी बनाता है.

Mercury (बुध)

 

आपने साधारणतया इन्हें वरुदा मुद्रा में देखा होगा तथा इनके चार हाथ होते है.

बुध दिमाग को तेज करने में अहम् भूमिका निभाते है और बहु-कार्यशीलता का हुनर तथा बहुमुखी प्रतिभा को उत्पन्न करते है. जिन लोगो पर बुध ग्रह का शासन होता है उनके पास अच्छी विश्लेषात्मक गुण और तर्कसंगत सोच होती है.

Jupiter (बृहस्पति)

 

ये ब्रह्मनास्पति के रूप में भी जाने जाते है. ये देवताओं के गुरु के रूप में प्रसिद्ध है तथा ऋग्वेद के बहुत सारे स्तोत्रों में इनकी प्रशंसा की गई है.

वृहस्पति वो ग्रह है जो हमारे जीवन के भाग्य घटकों का निर्णय करता है. यह हमारी बुद्धि , अच्छी किस्मत, सफलता और हमारे जीवन के सभी धार्मिक पक्षों के लिए भी उत्तरदायी होते है.

Venus (शुक्र)

 

ये दानवों की गुरु और शुक्रनीति की जननी है. चूंकि, इन्हें स्त्री ग्रह माना जाता है ,ये सभी ज्योतिषीय ग्रहों में से सौम्य ग्रह है.

ये जीवन के सबसे कोमल भावनाओं जैसे प्यार, रोमांस (प्रणय) , जेवर, विलासिता, भोजन, धन, कला, सौंदर्यीकरण और बहुत सारे क्षेत्रों को प्रदर्शित करती है. वो लोग जिनके राशि के मालिक शुक्र है वो हमेशा शांत और सौम्य होते है.

Saturn (शनि)

 

सभी देवताओं में ये सबसे उपद्रवी और डरावने है. ये मुख्य रूप से ज्योतिष के हिन्दू अनुयायियों द्वारा पूजे जाते है. शनि को सबसे ज्यादा नकारात्मक ज्योतिषीय ग्रह माना जाता है. ये धीमा , सुस्त, आलसी और लापरवाह कहे जाते है. ये ग्रह सभी नकारात्मक चीजों के लिए चुंबक का काम करती है. लोगों का मनाना है की किसी के जीवन पर शनि का राज उसके जीवन का सबसे खराब समय होता है. ज्योतिष कहते है की शनि की संगत स्थिति बुद्धिमता, सत्ता, सफलता, और सुख लाता है. सृष्टि के सभी इंसानों को इस बुरे वक्त से गुजरना पड़ता है जहाँ उसके जीवन में साढ़े सात वर्षो के लिए बुरा दौर आता है जब वो इस ग्रह के प्रभाव में आता है.

North Node (राहू)

 

ये देवता बहुधा बुध के सदृश दीखते है फिर भी विशेषताओं में अलग है.

यह ग्रह काफी प्रभावशाली और शक्तिशाली है. इसकी स्थिति किसी व्यक्ति के उन्नति या पतन को तय करता है. इसे ड्रैगन का सिर भी कहते है. ये ग्रह मिथुन राशि का मालिक है.

South Node (केतु)

 

केतु अर्थात धूम्रकेतु. हिन्दू पुराणों में ऐसा वर्णन है की इसकी सर्प की पूंछ होती है और एक अंडाकार शरीर.

केतु शक्ति का ग्रह है. इसकी स्थिति किसी व्यक्ति के उन्नति और पतन को निश्चित करती है. यह धनु राशि का मालिक है.

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