जानिये क्यों है विशेष चंद्र दर्शन व उसका मह्त्व

भारतीय पौराणिक कथाओं के अनुसार चंद्र देव को सभी पूजनीय देवताओं में से एक मुख्य स्थान प्राप्त है। चन्द्रमा को जल तत्व का देव भी कहा जाता है। चंद्र ‘नवग्रह’ का एक महत्वपूर्ण ग्रह भी है जो पृथ्वी पर रह रहे जीवात्मा को अपने बल से प्राभवित बनाये रखता है। चंद्रमा को अनुकूल ग्रह माना जाता है जो जाताक को सदैव ज्ञान, शुद्धता और अच्छे इरादे से जोड़े रखता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि चन्द्रमा का जिसके उपर शुभ प्रभाव रहता है वह जाताक अधिक सफल और समृद्ध जीवन जीता है। चंद्रमा हिंदू धर्म ग्रंथों व पुराणों में भी अधिक प्रभावशाली है क्योंकि यह चंद्र हिंदू धर्म का पालन कर एक शुभ मुहूर्त का मार्ग बतलाता है। पौराणिक कथाओं में, चंद्र देव को पशु और पौधे के जीवन के पोषण के रूप में भी जाना जाता है। उनका 27 नक्षत्रों से विवाह हुआ, जो राजा प्रजापति दक्ष की बेटियां थी और ग्रंथों के अनुसार बुध ग्रह के पिता भी हैं। बात करते हैं चंद्र दर्शन की – भारतीय परम्परा में आस्था से जुड़े लोग चंद्र दर्शन को एक परम- पवित्र बंधन मानते हैं। इस दिन हर विवाहित महिलाएं अपने दाम्पत्य जीवन को सरल-सुगम व जीवनसाथी की लंबी उम्र की कमाना करते हैं साथ ही अपने भाग्य को सफल व उन्नत बनाने के लिए भगवान चंद्र देव की विधि-विधान से पूजा-पाठ व व्रत कर चंद्रदर्शन करते हैं।

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