जानिये 2017 में देवी दुर्गा का दुनिया में कैसे होगा आगमन !

हमारे शास्त्र अत्यंत अद्भुत् जानकारियों के संग्रह है. हमलोग भौतिक सुख-सुविधा में इतने मशगूल हो गये है की हम अपने वास्तविक आकर्षण के सिंधान्तो को खोते जा रहे है जो हमारे पूर्वजों द्वारा हमें दिए गए मूल्यवान तोहफे है. क्या आप जानते थे की हर शरद नवरात्री के दौरान देवी दुर्गा शक्ति का दुनिया में सभी दुष्ट शक्तियों का नाश करने के लिए आगमन होता है. प्रत्येक समय जब देवी दुर्गा धरती के क्षेत्र में प्रवेश करती है तो इन चारों में से एक उनका वाहन होता है :-

About Goddess Durga

गजहस्ती रुधा (एक विशालकाय हाथी),

झुला, नौका(नाव),

बोहमस्तक रुधा (घोड़ा).

प्राकृतिक आपदाओं का होना इस बात पर निर्भर करता है की किस वाहन से माता का आगमन हो रहा है. यह अद्भुत् प्रकृति आपको चकित कर देगी लेकिन यह जानने लायक है. हर वर्ष माता किस वाहन से आ रही है यह समझने के लिए आपको यह देखना पड़ेगा की सप्तमी किस दिन आ रहा. जैसे की , 2017 के नवरात्री में सप्तमी बुधवार को आ रहा! यही चीज उनके लौटने पर भी लागू होती है. ‘दशमी’ के दिन पर आप इस बात का निरूपण कर सकते है की दुनिया में कैसी स्थिति प्रबल हो सकती है.

जब सप्तमी और दशमी पड़ता है –

रविवार और सोमवार

 

About Goddess Durga

जब दिन रविवार और सोमवार पड़ता है तो कहा जाता है की देवी की आगमन या विदाई गजहस्ती पर बैठ कर होती है जो की एक विशालकाय हाथी है. ऐसा माना जाता है की अगर माता इन दिनों में आती है तो धरती पर भारी बारिश होती है और फसलों की अच्छी खेती होती है. उनका यह आगमन समृद्धि और धन में वृद्धि लाता है.

शनिवार और मंगलवार

 

About Goddess Durga

जब दिन शनिवार और मंगलवार पड़ता है तो कहा जाता है की माता की आगमन और विदाई घोड़े की सवारी पर होती है. यह तेज हवा, अत्यधिक गर्मी और कभी-कभी सूखा होने का भी सूचक है.

बुधवार

 

About Goddess Durga

जब दिन बुधवार पड़ता है तो कहा जाता है की देवी का आगमन और गमन नौका-यात्रा से होता है. यह प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़ और भारी बारिश का सूचक है.

गुरुवार और शुक्रवार

 

About Goddess Durga

जब दिन गुरुवार और शुक्रवार पड़ता है तो देवी का आगमन या गमन एक झूले पर खेलते हुए होता है. यह लोगों के बीच बहुत सारे महामारी और बीमारियों के फैलने का सूचक होता है. आसानी से फैलने वाली बीमारिया जैसे डेंगू, हैजा, स्वाइन फ्लू, और बहुत सारी बीमारिया इसमें आती है.

इन सब चीजों को जानने के बाद आपको कुछ सबूतों की आवश्यकता महसूस हो रही होगी जो हमारे महान हिन्दू शास्त्रों में लिखे गए सिंधान्तो का औचित्य सिद्ध करते हो.

उदाहरण के लिए – इस वर्ष 2017 में सप्तमी तिथि 27 सितम्बर को पड़ रहा जो की बुधवार है. यह देवी के नौका-यात्रा पर आगमन का सूचक है और यह अपने साथ बाढ़ और भारी बारिश लाएगी. दुनिया में घट रही घटनाओं को देखिए तो आप पायेंगे की नवरात्री और नवरात्री के आस-पास ही बहुत सारे जगहों पर बाढ़ आएगी .

यह चीजें ना केवल अद्भुत् नजर आती है बल्कि इनका बहुत ही धार्मिक महत्व है और यह हमारे पूर्वजों की बुद्धिमता का परिचय देती है. आइए इसकी महत्ता बनाए रखें तथा इसका और विस्तार करें.

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