पितृ दोष: कुड़ली मिलान में पितृ दोष के प्रभाव और उसके उपाय

कुंडली के नवम भाव को ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार पूर्वजों का स्‍थान कहा जाता है। नौ ग्रह में सूर्य साफ रूप से पूर्वजों के प्रतीक माने गए हैं। जिस व्‍यक्ति की कुंडली में सूर्य को बुरे ग्रहों के होने से या फिर बुरे ग्रहों की दृष्टि से अगर कोई दोष लगता है तो वह पितृ दोष कहलाता है।

हमारे पूर्वजों का ठीक से श्राद्ध कर्म ना होने के वजह से घर में आने वाली बहुत सी परेशानियां होने लगती है। किसी इंसान की कुंडली मे पितृ दोष है या नहीं यह उसकी कुंडली से पता चल जाता है। अगर आपकी कुंडली में सूर्य या चंद्रमा के साथ राहु-केतु दोनो में से कोई एक ग्रह होते है तो इसे पितृ दोष कहा जाता है।

पितृ दोष के प्रभाव

जिस व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष होता है उनको तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस दोष की समस्याओं के बारे में ध्यान देने योग्य बातें-

  1. जिस घर में किसी सदस्य को पितृ दोष होता है उस घर में अक्सर कोई ना कोई बीमार रहता है।
  2. इस दोष के कारण घर के बच्चों में हमेशा कलह होता है।
  3. जहां पर ये दोष होता है वहां संतान पैदा होने में विलंब होता है।
  4. बिजनेस में लाभ नहीं होता, उधारी बहुत ज्यादा होती है।
  5. इंसान के पैसे उधारी में डूब जाते हैं या बेकार कामों में खर्च हो जाते हैं।
  6. जब परिवार में झगड़ा, मनमुटाव और मानसिक परेशानियां बढ़ने लगे तो इसका कारण पितृ दोष हो सकता है।
  7. आपके विवाह होने में परेशानियां आने लगती हैं।

पितृ दोष के उपाय

जिस इंसान की कुंडली मे पितृ दोष है तो इस दोष को दूर करने के लिए नीचे दिए गए कुछ सरल उपाय जिनको करना बेहद जरूरी है|

  1. अगर कुंडली में पितृ दोष बन रहा हो तब जातक को घर की दक्षिण दिशा की दीवार पर अपने स्वर्गीय परिजनों का फोटो लगाकर उस पर हार चढ़ाकर रोजाना उनकी पूजा स्तुति करना चाहिए। उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने से इस दोष से मुक्ति मिलती है।
  2. घर में श्रीमद्भगवत के गजेंद्र मोक्ष अध्याय का पाठ करें।
  3. हर चतुर्दशी (अमावस्या और पूर्णिमा के एक दिन पहले) को पीपल पर दूध चढ़ाएं।
  4. सवा किलो चावल लाकर रोज अपने ऊपर से एक मुट्ठी चावल सात बार उतारकर पीपल की जड़ में डाल दें। ऐसा लगातार 41 दिन करें।
  5. अपने मृतक रिश्तेदारों के निमित्त मंदिर में या ब्राह्मणों को दान दें।
  6. काले कुत्ते को उड़द के आटे से बनी लोई को खिलाएं हर शनिवार को।
  7. प्रतिदिन इष्ट देवता व कुल देवता की पूजा करने से भी यह दोष में शांती होती है।
  8. पितरों के नाम पर गरीब विद्यार्थियों की मदद करने तथा दिवंगत परिजनों के नाम से अस्पताल, मंदिर, विद्यालय, धर्मशाला आदि का निर्माण करवाने से भी अत्यंत लाभ मिलता है।

इनमें से कोई भी एक उपाय आपको पितृ दोष से मुक्ति दिलाएगा।

अगर आपको पितृ दोष है और आप इसका निवारण करना चाहते है तो आप नीचे दिए गए comment बॉक्स में comment कर के हमें बताए| ताकि हम आपको उसका उपाय बता सकें| 

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here