कैसे करें घर पर भगवान शिव की पूजा

भगवान शिव की पूजा सभी हिंदू पूजा विधी और अनुष्ठानों में सबसे आसान होती है। मान्यता है कि भगवान शिव को प्रसन्न करना बहुत आसान होता है। भगवान शिव को भोलेनाथ भी कहा जाता है। कहते है कि भले ही कोई साफ मन से शिवलिंग पर एक गिलास पानी भी चढ़ा देते है तो वह तुरंत ही प्रसन्न हो जाते है। भगवान शिव की पूजा घर में शांति और हित की भावना लाती है। आइये जानते है कि भगवान शिव की पूजा घर में आसान तरीका से कैसे कर सकते है।

भगवान शिव की पूजा कैसे करनी चाहिए

भगवान शिव को हम भोले भडांरी भी कहते है क्योंकि वह बहुत भोले है| अगर कोई शिवलिंग पर एक ग्लास पानी भी चढ़ा दे ना तो भगवान शिव प्रसन्न हो जाते है| आइये जानते है भगनाव शिव कि पूजा घर में कैसे करनी चाहिए| भगनाव शिव कि पूजा कुछ इस प्रकार है|

  1. शिवलिंग को स्नान हमेशा तांबे के बर्तन में जल से कराना चाहिए।
  2. कोशिश करें कि स्नान गंगा जल से करा सकें अगर संभव हो सके नहीं तो गंगा जल की कुछ बूंदे जल में डाल कर लें।
  3. इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण बना लें और फिर उससे शिव जी को स्नान करा लें।
  4. अब भगवान को साफ कपड़े से साफ कर लें और फिर उन्हें चन्दन लगा लें।
  5. इसके बाद मौली, जनेऊ, वस्त्र आदि को उन्हें पहना लें।
  6. वस्त्र के बाद अब उन्हें इत्र और पुष्प माला अर्पित करें।
  7. इसके बाद भगवान पर बेल पत्र, भांग, धतूरे का फूल आदि चढ़ाएं। 
  8. ये सब करने के बाद धूप-दीप दिखा कर भगवान को सफेद मिठाई का भोग लगा लें।
  9. इसके बाद पान, नारियल और दक्षिणा को चढ़ाएं साथ ही नतमस्तक होकर प्रभु के सामने हाथ जोड़कर जय शिव ओमकारा की आरती करें।
  10. आरती करने के बाद क्षमा मंत्र का जाप करें- चमत्कारी महामृत्युंजय मंत्र
    ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
    लघु महामृत्युंजय मंत्र- ॐ जूं सः

शिव पूजा का महत्व

कहा जाता है कि फाल्गुन चतुर्दशी की आधी रात में भगवान शिव लिंग रूप में अमिट प्रभा के साथ प्रकट हुए थे। बताया जाता है कि इस रात को काली रात और सिद्धि की रात कहा जाता हैं। यही वजह रही है कि महा शिवरात्रि के इस त्योहार को शिव साधक बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता हैं| साथ ही आपको पूजा और कीर्तन भी किया जाता हैं।

रुद्राभिषेक के महत्व

  1. गाय के दुध से अगर आप रुद्राभिषेक करते है तो आपकी मन की सारी मनोकामना पूरी होगी।
  2. बता दें कि जिन लोगों को अपने स्वास्थ से संबंधित कोई परेशानी है तो वो कुश को पीसकर गंगा जल के साथ मिलकर भगवान शिव को चढ़ा लें और आपको इससे बाकी के रोग से मुक्ति मिल जाती है।
  3. अगर आप देसी घी से करेंगे अभिषेक तो होगी साथ ही आपको धन की प्राप्ति भी होगी।
  4. और अगर आप गन्ने के रस से करते है भगवान शिव का अभिषेक तो आपके हर काम में आ रही परेशानी दूर होगी।
  5. शहद से करेंगे रुद्राभिषेक तो जीवन के हर दुख होगें खत्म।

भगवान शिव की पूजा करने के लिए सबसे अच्छा समय

मान्यता है कि वैसे तो सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी भगवान के होते है, भक्ति और व्रत के लिए निश्चित होते हैं। लेकिन सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पण किया हुआ है। माना जाता है कि भगवान शिव की भक्ति कभी भी की जाए वो वह शुभ होती ही है। अगर सच्चे मन से उनकी पूजा की जाए तो वे अपने भक्तों पर तुरंत ही प्रसन्न हो जाते है। कहा जाता हैं भगवान शिव का व्रत सावन सोमवार में रखने से आपकी मनोकामनाएं पूरी होती है। कहा जाता है कि 16 सोमवार को व्रत रखने से ल़़ड़कियों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है|

आपको जानना चाहिए: श्रावण की महत्वपूर्ण तिथियांश्रावण सोमवर व्रत

शिव पूजा के त्यौहार

माना जाता है कि हिन्दु पुराणों में हमें शिवरात्रि के व्रत का उल्लेख मिलता हैं। शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, इन्द्राणी, सरस्वती, गायत्री, सावित्री, सीता, पार्वती और रति ने भी शिवरात्रि का व्रत रखा था। महाशिवरात्रि हिन्दुओं का एक बहुत ही प्रमुख त्यौहार माना जाता है। यह भगवान शिव के कुछ प्रमुख त्योहार इस प्रकार है।

  1. महा शिवरात्रि (माघ कृष्ण पक्ष चतुर्दशी)
  2. आनि उठीराम (जब उथीराम नक्षत्र आनि के तमिल महीने में चढ़ाई में है)
  3. उमा महेश्वर व्रत (भाद्रपद पूर्णिमा)
  4. कार्तिक पूर्णिमा (कार्तिक शुक्ल पक्ष पूर्णिमा)
  5. भैरव अष्टमी (कार्तिक कृष्ण पक्ष अष्टमी)
  6. अरुद्र दर्शनम (अग्रायण शुक्ल पक्ष, जब अरुद्र नक्षत्र की अध्यक्षता) 
  7. मासिक शिवरात्रि

आज ही एक नया आध्यात्मिक सोशल नेटवर्क ज्वाइन करें: Download Rgyan App Now

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here