अष्टसिद्धि की प्राप्ति व अनेकों बाधाओं से बचाती है काली चौदस

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अष्टसिद्धि की प्राप्ति व अनेकों बाधाओं से बचाती है काली चौदस

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को काली चौदस का पर्व मनाया जाता है। जिस प्रकार से दीवाली का पर्व बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। ठीक उसी प्रकार काली चौदस का पर्व दिवाली के पंच दिवस महाउत्सव के दूसरे दिन बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन काली चौदस का पर्व भगवान विष्णु के नरकासुर पर विजय पाने के उपलक्ष में मनाया जाता है तथा इस पर्व का देवी काली के पूजन से गहरा संबंध है। काली चौदस के दिन नरक चौदस व छोटी दिवाली भी मनाई जाती है जिनमें से सर्वोपरि है काली चौदस का पर्व – प्रमाणित रूप से देखा जाता है की तंत्रशास्त्र के अनुसार महाविद्याओं में देवी कालिका सर्वोपरिय है। काली शब्द काल शब्द से उत्पन्न हुआ है जिसके अर्थ हैं समय, काला रंग, मृत्यु देव या मृत्यु। तंत्र के साधक महाकाली की साधना को सर्वाधिक प्रभावशाली मानते हैं और यह हर कार्य का तुरंत परिणाम देती है। साधना को सही तरीके से करने से साधकों को अष्टसिद्धि प्राप्त होती है। काली चौदस के दिन कालिका के विशेष पूजन-उपाय से लंबे समय से चल रही बीमारी दूर होती है। काले जादू के बुरे प्रभाव, बुरी आत्माओं से सुरक्षा मिलती है। कर्ज़ मुक्ति मिलती हैं। बिजनैस की परेशानियां दूर होती हैं। दांपत्य से तनाव दूर होता हैं। यही नहीं काली चौदस के विशेष पूजन उपाय से शनि के प्रकोप से भी मुक्ति
मिलती है।

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काली चौदस पूजन से पूर्व ध्यान दें इन बातों पर हो सकती है सभी बाधाएँ दूर –

– यदि कोई व्यक्ति मिर्गी या पागलपन से पीड़ित हो तो आज रात में काली हल्दी को कटोरी में रखकर लोबान की धूप दिखाकर शुद्ध करें तत्पश्चात एक टुकड़ें में छेद कर काले धागे में पिरोकर उसके गले में पहना दें और नियमित रूप से कटोरी की थोड़ी सी हल्दी का चूर्ण ताजे पानी से सेवन कराते रहें। अवश्य लाभ मिलेगा।

– काली मिर्च के पांच दाने सिर पर से 7 बार वारकर किसी सुनसान चौराहे पर जाकर चारों दिशाओं में एक-एक दाना फेंक दे व पांचवे बचे काली मिर्च के दाने को आसमान की तरफ फेंक दें व बिना पीछे देखे या किसी से बात घर वापिस आ जाए। इससे धन वृद्धि व किये कराये से बचे रहेंगे।

– यदि आपके व्यवसाय में निरन्तर गिरावट आ रही है, तो आज रात्रि में पीले कपड़े में काली हल्दी, 11 अभिमंत्रित गोमती चक्र, चांदी का सिक्का व 11 अभिमंत्रित धनदायक कौड़ियां बांधकर 108 बार श्रीं लक्ष्मी-नारायणाय नमः का जाप कर धन रखने के स्थान पर रखने से व्यवसाय में प्रगतिशीलता आ जाती है।

– निरन्तर अस्वस्थ्य रहने पर आटे के दो पेड़े बनाकर उसमें गीली चीने की दाल के साथ गुड़ व पिसी काली हल्दी को दबाकर खुद पर से 7 बार उतार कर गाय को खिला दें।

– आज रात के सामी काली मिर्च के 7-8 दाने लेकर उसे घर के किसी कोने में दिए में रखकर जला दें। घर की समस्त नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाएगी।

– अगर आपके बच्चे को नजर लग गयी है, तो काले कपड़े में हल्दी को बांधकर 7 बार ऊपर से उतार कर बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।

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