हिन्दुओं के लिए चौंका देनेवाले तथ्यों को अवश्य जानें !

हिन्दुओं के लिए चौंका देनेवाले तथ्यों को अवश्य जानें !

हिन्दू धर्म सम्प्रदाओं, संस्कृतियों और सिंधान्तो के मिश्रण वाला बहुमुखी धर्म माना जाता है. इन सब विविधताओं के बावजूद यह हिन्दू धर्म का एक अनोखा और अद्भुत् छवि खड़ा करता है. हिन्दू धर्म के अनुयायी बहुत बड़ी संख्या में है लेकिन इनका एक महत्वपूर्ण भाग हिन्दू धर्म के बारे में मिथ्या बातों का बहुत ही अधिक प्रचार करते है. इसलिए, हम उन तथ्यों के बारे में जानते है जिनके बारे में किसी भी हिन्दू का जानना बहुत ही महत्वपूर्ण है. कुछ चीजें आपको चौंका भी सकती है !

हिंदुत्व एक धर्म नही है !

हिंदुत्व ‘सनातन धर्म’ के नाम से भी जाना जाता है जो वास्तव में प्राचीन वैदिक साहित्य द्वारा जीवन जीने के तरीके के बारे में बताता है. यहाँ धर्म’ शब्द किसी संप्रदाय को नहीं दर्शाता बल्कि यह ‘एक सामंजस्य के साथ जीवन जीने के तरीकों’ के बारे में परामर्श देता है.

हिन्दू शब्द किसी भी शास्त्र में उल्लेखित नही है !

हिन्दू धर्म वास्तव में विदेशियों द्वारा भारतीय उपमहाद्वीप में रहने वालों के लिए दिया गया एक पारिभाषिक शब्द है. यह कहीं भी किसी वेद या उपनिषद में अंकित नही है.

किसी भी संस्थापक या धर्म प्रभुत्व का दावा नही किया गया है !

हिन्दू धर्म समय के साथ विकसित हुआ है और इसे बहुत सारे धार्मिक बुद्धिजीवी लोगों द्वारा पाला  गया है.

हिन्दू धर्म में कोई भी जाति भेदभाव नही है !

जाति प्रथा लोगों द्वारा शुरू की गई है इसका जिक्र किसी भी पवित्र धार्मिक पाठ में नही है. शास्त्रों में उल्लेखित ‘वर्ण’ शब्द किसी व्यक्ति के जन्म के आधार पर लागू नही होता बल्कि यह व्यक्ति के स्वाभाव पर लागू होता है. बाद में, संभवतः इसे ‘मनुस्मृति’ में तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया.

शाकाहारी सिन्धांत की कोई धारणा नहीं है !

ऊँच संप्रदाय जैसे ब्राहमण वर्ग जो पूर्व से निर्णयकर्ता की तरह व्यवहार करते है उन्होंने जैन और बौद्ध धर्म से प्रेरित होकर शाकाहारी-सिन्धात के विचार का परिचय दिया.

वेद हिन्दू धर्म के मुख्य किताब है !

भगवान् ब्रह्मा को वेदों का लेखक माना जाता है. ऐसा विश्वास है की इन शास्त्रों को महान संतो के शिष्यों द्वारा आगे बढ़ाया गया था.

महाभारत् सबसे लंबी कविता है !

महाभारत को अब तक की लिखी गई सबसे लंबी कविता कहा गया है. इसमें 100,000 से अधिक श्लोक शामिल है और 200,000 छंद पंक्तिया है.

सबसे पहले हिन्दू धर्म में विवाह को आरम्भ किया गया था !

विवाह का सिन्धांत हिन्दू धर्म में पाया गया और बाद में दुनिया के अन्य धर्म इसमें मशगुल हो गये.

अगर आपको लगता है की हिन्दू धर्म से जुड़े कुछ और भी अज्ञात तथ्य है जो इस आर्टिकल में शामिल नही किये गये है तो कृपया, उसे कमेंट सेक्शन में बताने से संकोच ना करें.

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