जानें कब होगा सूर्य ग्रहण – स्थितियां व उसका प्रभाव (ज्योतिषाचार्य सुनील बारमोला जी) द्वारा

Surya Grahan 2018 Solar Eclipse

जानें कब होगा सूर्य ग्रहण – स्थितियां व उसका प्रभाव (ज्योतिषाचार्य सुनील बारमोला जी) द्वारा

11 अगस्त 2018 सूर्य ग्रहण उत्तरीय अमेरिका, उत्तरीय यूरोप, पूर्वी एशिया, दक्षिण कोरिया, मास्को, चीन आदि देशों में दिखाई देगा जो की भारत, बांग्लादेश, अमेरिका, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, जापान, थाईलैंड में नहीं दिखाई देगा।
भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार खगोलीय पिंडों का पूर्ण तथा अंशात्मक रुप से किसी अन्य यानि दूसरे पिण्ड से ढक जाना या उस पिण्ड के पृष्ठ भाग में आ जाना ग्रहण कहलाता हैं। आकाशीय पिण्ड किसी अन्य आकाशीय पिण्ड से ढक जाने पर नजर नहीं आता तो ऐसी स्तिथि में आकाश मंडल में ग्रहण योग बनता है।
सूर्य ग्रहण की स्थिति – पृथ्वी और सूर्य के बीच में चन्द्रंमा आता है तो सूर्य ग्रह का लोप हो जाता है जिस कारण पृथ्वी के कुछ हिस्सों पर सूर्य नजर नहीं आता है ऐसी स्तिथि में सूर्य ग्रहण लगता हैं।

पूर्ण सूर्य ग्रहण (Surya Grahan)

जब पृथ्वी को चन्द्रमा अपनी छाया से पूर्ण रूप से ढक लेता है तो तब पूर्ण सूर्य ग्रहण होता हैं। इसके फलस्वरुप सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पहुंच नहीं पाता है और पृथ्वी पर अंधकार कि स्थिति हो जाती है। इस प्रकार बनने वाले ग्रहण को पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता हैं।

आंशिक सूर्यग्रहण (Surya Grahan)

चन्द्रमा जब सूर्य के केवल कुछ ही भाग को अपनी छाया से ढकता है तो ऐसी स्थिति में आंशिक सूर्यग्रहण लगता हैं।

वलय सूर्यग्रहण (Surya Grahan)

चन्द्र जब सूर्य को इस प्रकार से ढक लेता है कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता जाता है तो इस स्तिथि में उसे वलय सूर्यग्रहण कहा जाता है। इस ग्रहण में सूर्य के बाहरी क्षेत्र प्रकाशित होता है और कंगन के समान प्रतीत (दिखाई) होता है|

विशेष बातें-

मानव जीवन में सूर्य ग्रहण का बहुत बड़ा प्रभाव है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण क्रूर व अशुभ माना गया है तथा अशुभ फल प्रदान करता है। जिन क्षेत्रों में सूर्य ग्रहण का प्रभाव रहता है उन क्षेत्रों में मानव जीवन की हर प्रकार के कार्यों में व्यवधान उत्पन करता है ज्योतिष शास्त्र तथा धर्मशास्त्र के अनुसार ग्रहण का विशेष प्रभाव गर्भवती के महिलाओं के गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है जिस कारण गर्भवती महिलाओं को विशेष नियमों का पालन करना है की गर्भ में पल रहा बच्चा सुरक्षित रहे। ग्रहण काल के समय गर्भवती महिलाएं भगवान सूर्य देव के मंत्रों का पाठ कर सकती है। और अपना जीवन सुख पूर्वक व्यतीत कर सकती है

 

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here