ताम्बे को अपना मित्र बनायें और स्वस्थ रहें

बहुत वर्षों से भारत और विभिन्न अन्य एशियाई देशों के लोग ताम्बे के पात्र में रखें पानी को पीने के लाभ के बारे में जानते है. प्राचीन आयुर्वेदिक शास्त्रों के अनुसार ताम्बे के पात्रों में पानी संचय करने के अनेकों स्वास्थ्यप्रद लाभ बताएं गए है. वर्त्तमान समय के परिदृश्य में चिकित्सकीय अध्ययन ने इस प्राचीन आयुर्वेदिक क्रिया का समर्थन किया है.

तांबे को मानव-शरीर के लिए आवश्यक खनिज-लवण बताया गया है. प्राचीन आयुर्वेद ने ताम्बे के जग में रात भर पानी रख कर सुबह सबसे पहले इसे पीना स्वास्थ्य लाभ के लिए फायेदेमंद बताया है. जब पानी को ऐसे ताम्बे के पात्र में संचय करते है तो इसे ताम्र जलंद कहते है जो सभी तीन दोषों जैसे- कफा, वात और पित्त दोषों को संतुलित करने में सहायता करता है.

तांबा वैज्ञानिक तौर पर एक धातु है जिसमें विद्धुत चुम्बकीय ऊर्जा होती है जो प्रना शक्ति के नाम से जाना जाता है. अगर कोई ताम्बे के पात्र में कम-से-कम 8 से 10 घंटे तक रखें पानी को पीता है तो यह काफी अधिक फायेदेमंद होगा. ताम्बे का पात्र पानी को आयोनिक बना देता है जो शरीर के पीएच (pH) जैसे एसिड-एल्कलाइन को संतुलित करने में सहायता करता है.

यहाँ ताम्बे के 10 स्वास्थ्य लाभ बताये गये है :

Make Copper Your Friend - & Stay Healthy

  • यह एंटी-माइक्रोबियल है : एक हाल के अध्ययन के अनुसार स्वास्थ्य, जनसंख्या और पोषण के पत्रिका में यह प्रकाशित किया गया है की 16 घंटों से ऊपर ताम्बे के पात्र में रखा हुआ पानी हानिकारक रोगाणुओं की उपस्थिति को कम करता है. यह इतना शक्तिशाली होता है की अब ताम्बे के परत को अस्पताल के ICU में लगाया जा रहा है ताकि ये संक्रमण से पैदा होने वाले जीवाणु-कीटाणु को मार सकें और संक्रमण को लगभग 40 % तक कम करे सकें.
  • दिमागी गतिविधि को प्रेरित करना : तांबा फोस्फोलिपिड्स के संश्लेषण में सहायता करता है जो की हमारे दिमाग के नयूरोंस के सही कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक होता है. इस तरह से ये हमारे दिमाग को तेजी से काम करने और अधिक कुशलता से काम करने लायक बनाता है. तांबा किसी भी तरह के अभिग्रहण से भी बचाता है चूंकि इसमें एंटी-आक्षेपिक गुण होता है.
  • वजन घटाने में सहायक : तांबा हमारे पाचनतंत्र प्रणाली में सहायता करता है. ये हमारे शरीर में खराबी करने वाले वसा को कम करने में भी सहायक होता है और वजन में वृद्धी को दूर रखता है.
  • उम्र बढने को धीमा करना : क्या आप आपने झुर्रियों को लेकर चिंतित है? तांबा आपको इससे बचाने वाला रक्षक है. तांबा में बहुत ही शक्तिशाली एंटी-ऑक्सीडेंट और कोशिका के कायाकल्प वाले गुण होते है जो मुक्त मूलतंतु से लड़ते है और नए त्वचा कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होते है जो झुर्रियों से बचाता है.
  • सुजन-सम्बन्धी क्षमता का विरोधी : तांबा गठिया और अन्य सुजन या जोड़ों के दर्द को खत्म करने में सहायक होता है. ताम्बे के पात्र में संचित पानी पीने से जोडों में आये सुजन से होने वाले दर्द और वेदना से राहत मिलती है.
  • तांबा कैंसर से लड़ता है : तांबा में अत्यंत विशेष एंटी- ऑक्सीडेंट गुण होते है जो हमारे शरीर के मुक्त रेडिकल्स से लड़ते है और उसके बुरे प्रभाव को कम करते है. तांबा कैंसर के हमले से बचाता है और हमारे शरीर पर महत्वपूर्ण कैंसर विरोधी प्रभाव रखता है.
  • जख्मों / घावों के जल्द ठीक होने में सहायक : अपने रोगाणु विरोधी और दाहक-विरोधी गुणों के साथ तांबा घावों के भरने और उपचार में अत्यंत लाभदायक है. तांबा हमारे रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है जो कोशिकाओं के कायाकल्प में सहायता करता है.
  • ह्रदय-वाहिका स्वास्थ्य को संतुलित करता है और उच्च रक्तचाप को खत्म करता है : तांबा किसी के ह्रदय संबंधित रोगों के बढने के खतरें को घटाता है. यह रक्तचाप को नियंत्रित करता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल(रक्तवसा) तथा ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करता है.
  • थाइरोइड ग्रंथि के कार्य को नियंत्रित करना : जिन लोगों में थाइरोइड कार्यप्रणाली कमजोर है अक्सर उनके शरीर में तांबे की कमी होती है. तांबा थाइरोइड ग्रंथि के उचित रूप से कार्य करने के लिए अत्यंत आवश्यक जरूरत है. अतः कोई अगर ताबें के पात्र में रखे पानी को पीता है तो वो इस कमी को दूर करता है और थाइरोइड कार्यप्रणाली को नियंत्रित करता है.
  • रक्तहीनता(एनीमिया) को खत्म करना : तांबा हमारे शरीर के लगभग सभी स्तरों पर कोशिका के कायाकल्प से लेकर अंगों के कार्यप्रणाली तक में सहायता करता है. तांबा शरीर में आयरन के अवशोषण में भी सहायता करता है जो की एनीमिया को दूर रखने में सहायक है. यह शरीर में हीमोग्लोबिन (लाल रक्तकण) को भी नियंत्रित करने में सहायता करता है.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here