सूर्य ग्रहण पर क्या न करें

भारत में पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान कुछ भी खाना व पीना नहीं चाहिए और ना ही खाना पकाना चाहिए। सूर्य ग्रहण के दौरान हम जो भी खाते हैं उसका क्या असर होता है और ग्रहण के दौरान हमें किन चीजों का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए| आइए नीचे दी गई सूची में जानते है|

अनाज

अनाज और सीरियल्स जैसे आटा, मैटा, काली दाल इन चीजों को पचाना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि ग्रहण के चलते बदलाव हो रहा होता है ऐसे में हमारे शरीर के लिए इन चीजों को पचाना बहुत मुश्किल हो जाता है साथ ही बहुत तकलीफदेह भी हो जाती है। इसलिए ग्रहण के तलते ग्रेन्स और सीरियल्स का बिल्कुल भी सेवन न करें।

ऑइली फूड

खाद्य पदार्थ जो हमारे शरीर के तापमान को बढ़ाता है जिसे आपको पचाना बहुत मुश्किल हो जाता है उनका सेवन ग्रहण के चलते नहीं करना चाहिए वरना डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें और बहुत सी बीमारियां हो सकती हैं। लिहाजा डीप फ्राइड और ऑइली फूड से दूर रहने चाहिए।

नॉन वेज

माना जाता है की नॉन वेजिटेरियन फूड शरीर के तापमान को बढ़ा देता है क्योंकि इसमें प्रोटीन की मात्रा सबसे अधिक होती है और शरीर के लिए इन्हें डाइजेस्ट करना बहुत मुश्किल हो जाता है। और जो लोग पहले से बीमार हैं उन्हें तो अंडा और मीट से ग्रहण के चलते दूर ही रहना चाहिए।

खुला पानी न पिएं

वैसे तो ग्रहण के चलते पानी पीने को भी मना किया जाता है। लेकिन अगर प्यास लग रही हो तो आप पानी पी सकते हैं और जो काफी देर पहले से बिना ढके हुए खुला रखा हो तो बिल्कुल न पिए। ग्रहण के चलते होने वाले कॉस्मिक चेंज की वजह से पानी में भी रिऐक्शन हो जाता है। इसलिए अगर पीना ढंका हुआ तो ही पानी पिएं।

घर मे रहें

ग्रहण काल में घर से बहार ना निकले और ग्रहण दर्शन तो बिल्कुल भी ना करें। इस दिन शुभ या नया कार्य नहीं करना चाहिए।

गर्भवती महिला

सूर्य ग्रहण में सबसे अधिक सावधानी गर्भवती महिलाओं को बरतनी होती है। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान जो नकारात्मक ऊर्जा निकलती है वह गर्भस्थ शिशु के लिए नुकसानदेह होती है। इसलिए सूर्य या चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी बरतने के लिए कहा जाता है। ग्रहण को लेकर गर्भवती महिलाओं के बीच मान्यता यह भी है कि ग्रहण की अवधि में चाकू, कैंची और सुई आदि धारदार वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।

बताया जाता है कि गर्भवती महिला को कुछ सब्जी काटना, कपडे सिलना या पिलना नहीं चाहिए| इससे होने वाले बच्चे के शारीरक दोष होने के संभावना हो जाती हैं।

खुद कि देखभाल

ग्रहण के समय तेल लगाना, जल पीना, केश बनाना, संभोग करना, मंजन करना, वस्त्र नीचोड़ना, ताला खोलना आदि वर्जित हैं।  ग्रहण के चलते सोने नहीं चाहिए ऐसे करने से व्यक्ति रोगी होता है। मालिश या उबटन लगाने से कुष्ठ रोग और स्त्री प्रसंग से अगले जन्म में सूअर की योनि मिलती है। ग्रहण के दिन पत्ते, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ना चाहिए।

सूर्यग्रहण 2020

पहला सूर्य ग्रहण 2020: साल 2020 में कुल मिलाकर दो सूर्य ग्रहण लगेगा। पहला सूर्य ग्रहण 21 जून को लगेगा। जिसे भारत समेत अमेरिका, पूर्वी यूरोप, दक्षिणी यूरोप और अफ्रीका में देखा जा सकेगा।

दूसरा सूर्य ग्रहण 2020: साल 2020 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 14 दिसंबर को लगेगा। इस सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। इसे प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में देखा जा सकेगा।

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