अनकही ब्लैक मैजिक स्टोरी: शिव की तंत्र साधना का व‍िकृत रूप है काला जादू

देवों के देव महादेव ने रची थी यह विद्या

एक तरफ पूजा-मंत्र और साधना मन को सुकून देते हैं। वहीं दूसरी तरफ काले जादू का नाम आते ही मन में भय व्‍याप्‍त हो जाता है। जहां तक बात सामान्‍य लोगों की समझ की है तो उनके लिए यह किसी रहस्‍यमयी दुनिया से कम नहीं है। लेकिन सत्‍य यह है कि तंत्र साधना की इस विद्या की उत्‍पत्ति देवों के देव महादेव ने की थी। यही वजह है कि उन्‍हें पहला तांत्रिक भी कहा जाता है। बता दें कि शिव ने तंत्र शास्‍त्र की रचना लोगों के कल्‍याण मात्र के लिए की थी। हालांकि कुछ लोगों ने अपने फायदे के लिए इसका प्रयोग किया। उनकी इसी मानस‍िक व‍िकृति ने इस व‍िद्या का स्‍वरूप ही व‍िकृत कर द‍िया। आइए जानते हैं कुछ रोचक बातें….

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तो इसलिए हुआ था तंत्र विद्या का निर्माण

भगवान शिव के रच‍ित तंत्र शास्‍त्र में 80 फीसदी हिस्‍सा शुभ कर्मों के लिए है। वहीं 20 प्रतिशत में काली शक्तियों का जिक्र मिलता है। कहा जाता है कि स्‍वार्थी लोगों ने इसी हिस्‍से का प्रयोग किया और धीरे-धीरे इसका रूप बदला और यह भयभीत करने वाला काला जादू हो गया। हालांकि बुरी शक्तियां जितनी तीव्रता से असर करती हैं, उतनी ही गति से उनका नाश भी होता है। इसलिए इस विद्या के गलत उपयोगों की सख्‍त मनाही है।

यह फर्क होता है मंत्र और तंत्र में

हो सकता है कि आपके जेहन में यह सवाल उठे कि सनातन धर्म में ऐसे तमाम मंत्र और पूजा-पाठ के साधन मौजूद हैं। जिनसे मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। ऐसे में तंत्र की आवश्‍यकता क्‍यों पड़ी? कहा जाता है कि मंत्र में साधक प्रार्थना करता है कि भगवान उनकी मनोकामना पूरी करें। लेकिन तंत्र साधना इस तरह से की जाती है कि ईश्‍वर भी मजबूर होकर उनकी प्रार्थना स्‍वीकार कर ही लेते हैं। यही बात तंत्र साधना को लेकर विरोधाभास भी पैदा करती है।

इन उपासकों पर नहीं चलता इसका जोर कहा जाता है कि अगर किसी पर काला जादू कर दिया जाए तो यह विफल नहीं होता। यानी कि जिस भी उद्देश्‍य से इसे किया जाता है पर‍िणाम वही मिलता है। लेकिन भोलेनाथ, हनुमानजी और माता काली के भक्‍तों पर इसे भूले से भी नहीं करना चाहिए। अन्‍यथा उसे तो मामूली हानि होती है लेकिन काला जादू करने वाले को गंभीर पर‍िणाम भुगतना पड़ता है।

ऐसे जानें आप भी तो नहीं शिकार

ऐस्‍ट्रॉलजर प्रमोद पांडेय बताते हैं कि यदि किसी पर तंत्र विद्या या फिर काले जादू का प्रयोग हुआ तो यह बहुत ही आसानी जाना जा सकता है। वह बताते हैं कि इसके लिए रात को सोते समय बेड के नीचे एक ग्‍लास में पानी भरकर रख दें। साथ ही मन में यह संकल्‍प लें कि अगर आपके ऊपर किसी भी तरह की नकारात्‍मक ऊर्जा का प्रयोग किया गया है। तो वह सारी ऊर्जा उसी पानी में समाहित हो जाए।

इतने द‍िन करना होगा ये काम

अगले द‍िन सुबह-सवेरे उठकर सबसे पहले उस पानी को किसी पौधे में डाल दें। ध्‍यान रखें कि यह प्रक्रिया 8 दिनों तक लगातार करनी होगी। प्रमोद पांडेय बताते हैं कि यदि व्‍यक्ति पर तांत्रिक प्रयोग हुआ होगा तो वह पौधा कुम्‍हला जाएगा। अगर व्‍यक्ति पर काले जादू का गहरा प्रभाव होगा तो पौधा 2 से 3 दिन में ही सूख जाता है।

यह भी आजमाया जा सकता है

ऐस्‍ट्रॉलजर प्रमोद पांडेय बताते हैं कि तांत्रिक प्रयोग को जानने के लिए नींबू का भी सहारा ले सकते हैं। इसके लिए सोने से पहले तकिए के नीचे नींबू रख लें। मन ही मन यह व‍िचार करें कि आपके अंदर की सारी न‍िगेटिव ऊर्जा इसमें जा रही है। यदि वाकई में व्‍यक्ति पर तंत्र का प्रयोग हुआ होगा तो अगली सुबह ही नींबू का रंग बदल जाएगा।