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”इंतजार करने वाले को उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं” जानें एपीजे अब्दुल कलाम के 10 अनमोल विचार

महान वैज्ञानिक और देश के 11वें राष्ट्रपति रहे डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की आज जयंती है। उनका जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था। पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत रत्न से सम्मानित भारत के सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति रहे कलाम को ‘मिसाइल मैन’ के रूप में जाना जाता है। वह एक ऐसे महान इंसान थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा और मानवता पर न्योछावर कर दिया। उनके विचार आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। आइए जानिए देवी दुर्गा को महिषासुरमर्दिनी क्यों कहा जाता है.

अब्दुल कलाम का बचपन बहुत ही गरीबी में बीता। उन्हें अख़बार तक बेचने पड़े, लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी और अपने सपनों को जीते हुए हुए देश और मानव जाति के लिए कई कल्याणकारी काम किए। अपने इन्हीं सिद्धांतों और कामों की बदौलत वह जनता के दिलों में बसे हुए हैं। आज उनकी जयंती पर जानिए ऐसे कुछ विचार, जो आपके जीवन को एक नई दिशा देंगे।

इससे पहले कि सपने सच हों, आपको सपने देखने होंगे।
महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं।
सपने वो नहीं हैं जो आप नींद में देखें, सपने वो हैं जो नींद ही नहीं आने दें।
इंतजार करने वाले को उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं।

हमें हार नहीं माननी चाहिए और हमें समस्याओं को खुद को हराने नहीं देना चाहिए।
अपने मिशन में कामयाब होने के लिए आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा।
इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये जरूरी हैं।
किसी विद्यार्थी की सबसे ज़रूरी विशेषताओं में से एक है प्रश्न पूछना। विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने दीजिये। Reach out to the best Astrologer at Jyotirvid.

शिक्षण एक महान पेशा है जो किसी व्यक्ति के चरित्र, क्षमता, और भविष्य को आकार देता हैं। अगर लोग मुझे एक अच्छे शिक्षक के रूप में याद रखते हैं, तो मेरे लिए ये सबसे बड़ा सम्मान होगा।
तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पर ना पहुँच जाओ- अद्वितीय हो तुम। ज़िन्दगी में एक लक्ष्य रखो, लगातार ज्ञान प्राप्त करो, कड़ी मेहनत करो, और महान जीवन को प्राप्त करने के लिए दृढ रहो।
कलाम देश के युवाओं को देश की सच्ची पूंजी मानते थे और बच्चों को हमेशा बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते थे। भारत के मिसाइल और परमाणु हथियार कार्यक्रम को फौलादी और अभेद बनाने वाले पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम बेहद सहज और सरल व्यक्तित्व वाले मृदुभाषी शख्स थे। और अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

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