तीन धाम के कपाट खुलने के बाद बदरीनाथ की तैयारी, जानें तारिख

उत्तराखंड के चार धामों में से तीन धामों के कपाट खुलने के बाद भी अभी श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू नहीं हुआ है। अब इन में से प्रमुख धाम बदरीनाथ के कपाट खुलने की रस्में शुरू की जा रही हैं। 5 मई को टिहरी राजदरबार में तिल के तेल से भरे गाडू घड़े को बदरीनाथ रवाना किया गया। चौदह दिन ऋषिकेश में रहने के बाद बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी शनिवार को जोशीमठ पहुंच गए। अब वह 15 मई को सुबह साढ़े चार बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तैयारी में जुट जाएंगे।

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15 मई को खुलेंगे बदरीनाथ के कपाट
रावल आदि गुरु शंकराचार्य और गरुड़ भगवान की डोली के साथ 13 मई को जोशीमठ नृसिंह मंदिर से योगध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेंगे। 14 मई को यहां से उद्घवजी व कुबेरजी की उत्सव डोली के साथ वह बदरीनाथ पहुंचेंगे। 15 मई को धाम का कपाट खोला जाएगा।

ऊखीमठ से रवाना हो गई डोली दूसरी तरफ केदारनाथ के बाद द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से अपने मद्महेश्वर धाम के लिए रवाना हो गई। डोली को वाहन से रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव राकेश्वरी मंदिर रांसी गांव पहुंचाया गया है।

परिक्रमा के बाद धाम के लिए किया प्रस्थान
धाम के कपाट सोमवार 11 मई को पूर्वान्ह 11 बजे खोले जाएंगे। ओंकारेश्वर मंदिर में सुबह पांच बजे से पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ द्वितीय केदार की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद भगवान का महाभिषेक, श्रृंगार, भोग और आरती के बाद अराध्य की भोगमूर्तियों को चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान किया गया। इसके बाद, अन्य धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ द्वितीय केदार की डोली ने ओंकारेश्वर मंदिर की परिक्रमा के बाद अपने धाम के लिए प्रस्थान किया।

द्वितीय केदार की धाम में होगी पूजा
रविवार को द्वितीय केदार की डोली रांसी से दूसरे पड़ाव गौंडार गांव पहुंचेगी, जबकि 11 मई को डोली गौंडार से अपने धाम के लिए सुबह सात बजे प्रस्थान करेगी और सुबह 10.30 बजे मदमहेश्वर मंदिर में पहुंचेगी। जहां पर पूर्वान्ह 11 बजे कपाट खुलेगा। इसके बाद छह माह तक द्वितीय केदार की पूजा-अर्चना धाम में ही होगी।