Good News: पेट्रोल-डीजल जल्‍द हो सकता है सस्‍ता, सरकार के सामने रखा गया है ये प्रस्‍ताव

नई दिल्‍ली। गुरुवार को राजधानी में पेट्रोल-डीजल की कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद शुक्रवार को तेल विपणन कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है। गुरुवार को पेट्रोल की कीमत में 23 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्‍ली में पेट्रोल 84.20 रुपये प्रति लीटर और डीजल 74.38 रुपये प्रति लीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। आइए जानिए आइए जानिए आचार्य चाणक्य नीतियां

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रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुकी पेट्रोल कीमतों पर जल्द ही लोगों को राहत मिलने की उम्‍मीद है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने केंद्र सरकार से ऊंची पेट्रोल, डीजल कीमतों पर राहत देने की सिफारिश की है। मंत्रालय ने कहा है कि उत्पाद शुल्क में कटौती कर जनता को बड़ी राहत दी जा सकती है। मंत्रालय के मुताबिक, कोरोनाकाल में पेट्रोल डीजल पर बढ़ाए गए उत्पाद शुल्क में अगर 50 प्रतिशत कटौती कर दी जाए, तो पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर तक नीचे आ सकते हैं।

लॉकडाउन के दौरान सरकार ने पेट्रोल पर एकमुश्त 10 रुपये उत्पाद शुल्क बढ़ाया था। मंत्रालय ने कहा कि अगर उत्पाद शुल्क में कटौती की जाती है तो उपभोक्ताओं को इसका पूरा लाभ पहुंचाने के लिए राज्यों को भी सहयोग करना होगा। उन्हें वैट में कटौती के लिए केंद्र से सहमति जतानी होगी। मंत्रालय का कहना है कि उत्पाद शुल्क में कटौती के अलावा वैट घटाने और तेल कंपनियों से भी कुछ बोझ उठाने के लिए कहा जा सकता है।

दिल्‍ली में पेट्रोल की वास्‍तविक कीमत है सिर्फ 26 रुपये

दिल्‍ली में पेट्रोल की 84 रुपये प्रति लीटर की कीमत में इस ईंधन का वास्तविक मूल्य सिर्फ 26 रुपये है। शेष कर, शुल्क और डीलर का कमीशन है। केंद्र सरकार 32.98 रुपये (आधार मूल्य का 125 प्रतिशत) उत्पाद शुल्क वसूलती है। वहीं दिल्ली सरकार 19 रुपये (आधार मूल्य का 72 प्रतिशत) मूल्यवर्धित कर (वैट) वसूलती है।

उत्पाद शुल्क में कटौती चाहते हैं 69 प्रतिशत लोग

करीब 69 प्रतिशत लोग पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती चाहते हैं। देश में वाहन ईंधन के दाम इस समय रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। ऐसे में लोगों का मानना है कि सरकार को वाहन ईंधन पर शुल्क घटाना चाहिए। ईंधन कीमतों में केंद्रीय उत्पाद शुल्क एक प्रमुख हिस्सा होता है। कम्युनिटी सोशल मीडिया मंच लोकल सर्किल्स के सर्वे के अनुसार कोविड-19 महामारी की वजह से अर्थव्यवस्था सुस्त है। लोगों की आमदनी भी इससे प्रभावित हुई है। ऐसे में वाहन ईंधन के दाम घटने से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

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20 प्रतिशत शुल्‍क में हो कटौती

सर्वे के अनुसार, 69 प्रतिशत लोगों का कहना है कि सरकार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती करनी चाहिए। इनमें से ज्यादातर लोगों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम में 20 प्रतिशत या छह रुपये या इससे अधिक की कटौती होनी चाहिए। यदि ऐसा किया जाता है, तो दिल्ली में पेट्रोल का दाम घटकर 78 रुपये और डीजल का 68 रुपये प्रति लीटर पर आ जाएगा। इसी तरह देश के अन्य हिस्सों में भी वाहन ईंधन के दाम नीचे आएंगे। दिल्ली में पेट्रोल और डीजल का दाम देश में सबसे कम है।

9326 लोगों ने लिया सर्वे में भाग

सर्वे में देश के 201 जिलों के 9,326 लोगों के विचार लिए गए। इनमें 71 प्रतिशत पुरुष और 29 प्रतिशत महिलाएं हैं। राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को पेट्रोल 84.20 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। यह इसका सर्वकालिक उच्चस्तर है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने लगातार दूसरे दिन वाहन ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। बृहस्पतिवार को पेट्रोल कीमतों में 23 पैसे और डीजल में 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई। दिल्ली में अब पेट्रोल का दाम 84.20 रुपये और डीजल का 74.38 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में पेट्रोल 90.83 रुपये और डीजल 81.07 रुपये प्रति लीटर है। अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतwww.indiatv.in
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