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IOC और BPCL ने की बड़ी घोषणा, दिल्‍ली–हरियाणा-पंजाब के अस्‍पतालों को की जाएगी ऑक्‍सीजन की आपूर्ति

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के बीच अस्पतालों में ऑक्‍सीजन की कमी की खबरों के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) तथा भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित राज्यों को अपनी रिफाइनरी में उत्पादित ऑक्सीजन को चिकित्सा ऑक्सीजन के रूप में उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। इससे पहले निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने भी महाराष्ट्र को ऑक्‍सीजन की आपूर्ति शुरू की है। आईओसी ने बयान में कहा कि उसने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के विभिन्न अस्पतालों को मुफ्त में 150 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी है। कंपनी ने कहा कि जीवन रक्षक चिकित्सा ग्रेड ऑक्सीजन की पहली खेप नई दिल्ली के महा दुर्गा चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल को भेजी गई है।

आईओसी ने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के बीच चिकित्सा ऑक्सीजन की मांग तेजी से बढ़़ी है। ऐसे में उसने अपनी मोनो एथेलीन ग्लाइकोल (एमईजी) इकाई में इस्तेमाल होने वाली उच्च शुद्धता की ऑक्सीजन को हरियाणा की पानीपत रिफाइनरी और पेट्रोरसायन परिसर में चिकित्सा ग्रेड की तरल ऑक्सीजन में बदला है। भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन ने भी अलग से जारी बयान में कहा है कि उसने मुफ्त में 100 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू की है। कंपनी ने कहा कि वह हर महीने करीब 100 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति करेगी। पिछले सप्ताह रिलायंस इंडस्ट्रीज की गुजरात के जामनगर स्थित दो रिफाइनरियों ने औद्योगिक ऑक्सीजन को चिकित्सा इस्तेमाल की ऑक्सीजन में बदला था। जामनगर रिफाइनरी से कंपनी नि:शुल्क 100 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही है।

बीपीसीएल केरल को अपनी कोच्चि रिफाइनरी से 1.5 टन प्रतिदिन ऑक्‍सीजन की आपूर्ति कर रही है। बीपीसीएल ने पिछले साल भी अक्टूबर-नवंबर में जब मामले तेजी से बढ़ रहे थे 25 टन ऑक्‍सीजन की आपूर्ति की थी। तेल रिफाइनरियां अपने संयंत्रों में औद्योगिक ऑक्‍सीजन का उत्पादन कर सकतीं हैं। वे इसे चिकित्सा कार्यों में इस्तेमाल होने वाली ऑक्‍सीजन में बदल सकती हैं। इसकी 99.9 प्रतिशत शुद्धता होती है।

उर्वरक मंत्रालय ने यूरिया विनिर्माताओं से ऑक्‍सीजन संयंत्र स्थापित करने को कहा

केंद्रीय उर्वरक मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा ने यूरिया विनिर्माताओं से आग्रह किया कि वे अपने परिसर में चिकित्सकीय ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करें ताकि देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्‍सीजन गैस की आपूर्ति को बढ़ाया जा सके। मंत्री ने चिकित्सा ऑक्सीजन के उत्पादन के लिए अपने चार संयंत्रों को समर्पित करने के लिए प्रमुख सहकारी संस्था, इफको का भी स्वागत किया। गौड़ा ने कई ट्वीट करते हुये कहा कि सरकार मेडिकल ऑक्सीजन के उत्पादन और उपलब्धता को बढ़ाने के लिए सभी उपाय कर रही है। सहकारी प्रमुख उर्वरक कंपनी इफको ने सोमवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश, गुजरात और ओडिशा में अगले 15 दिनों में लगभग 30 करोड़ रुपये के निवेश के साथ चार मेडिकल ऑक्सीजन संयंत्र लगाएगी। अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

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