Chakka Jam: दिल्ली में पुलिस अलर्ट, कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद, 50 हजार से ज्यादा जवान तैनात

किसान संगठनों ने आज दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में चक्का जाम का आह्वान किया है। किसान संगठनों ने कहा कि वो दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम नहीं करेंगे लेकिन दिल्ली पुलिस को किसानों के इस वादे का एतबार नहीं है। गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा से सबक लेते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। लाल किला, जामा मस्जिद, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों के एंट्री/एग्जिट गेस्ट्स को बंद कर दिया गया है। यहां इंटरचेंज के सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन, मंडी हाउस, ITO, दिल्ली गेट मेंट्रो स्टेशनों के गेट भी बंद कर दिए गए हैं।

Ask-a-Question-with-our-Expert-Astrologer-min

राजधानी दिल्ली और आस-पास के इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक और रिजर्व बलों के लगभग 50,000 कर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस ने इसके अलावा 12 मेट्रो स्टेशनों को अलर्ट पर रखा। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पुलिस, अर्धसैनिक और रिजर्व बलों के लगभग 50,000 जवान तैनात हैं। राष्ट्रीय राजधानी में कम से कम 12 मेट्रो स्टेशनों पर किसी भी गड़बड़ी को देखते हुए प्रवेश और निकास को बंद करने के लिए अलर्ट पर रखा गया है।

रविवार दोपहर होने वाले इस चक्का जाम को देखते हुए पुलिस शनिवार से ही सुरक्षा कड़ी कर दी। पुलिस ने सड़कों पर बहुस्तरीय बैरिकेड्स और कांटेदार तारों को लगाकर अतिरिक्त बलों की तैनाती की। 26 जनवरी को लाल किले पर हुई हिंसा को देखते हुए आज किसी भी स्थिति से निपटने के लिए लाल किले पर भी भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। मिंटो ब्रिज क्षेत्र में बैरिकेडिंग के साथ पुलिस तैनात है। चक्का जाम के दौरान बवाल से निपटने के लिए इस इलाके को अवरुद्ध किया गया है। आईटीओ इलाके में पुलिस बैरिकेड के ऊपर कांटेदार तार लगाए गए हैं।

rgyan app

यूपी में जिला मुख्यालयों पर दिया जाएगा ज्ञापन

शुक्रवार को गाज़ीपुर बार्डर प्रदर्शन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किसान छोटे समूहों में जिला मुख्यालयों में ज्ञापन सौंपेंगे। आपको बता दें कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्से के हजारों किसान दिल्ली की तीन सीमाओं – सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बार्डर पर 70 से अधिक दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्रीय कृषि कानूनों को पूरी तरह वापस लेने की मांग कर रहे हैं। अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतwww.indiatv.in
पिछला लेखघाटे में चल रहे PNB ने चौंकाया, तीसरी तिमाही में 506 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ
अगला लेखVideo: मौत में मुंह में जा सकता था दिव्यांग! ‘फरिश्ता’ बनकर आया RPF कर्मी, बचा ली जान