कोरोना किट ‘घोटाले’ को लेकर कैप्टन के घर पर अकाली-बसपा का हल्ला बोल, हिरासत में लिए गए सुखबीर बादल

पंजाब में कोरोना किट घोटाले (Covid Kit Scam) के आरोप में मंगलवार को अकाली और बसपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं. सिसवान में शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल (Sukhbir Singh Badal) के नेतृत्व में दोनों दलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में सड़क में उतरे और कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amrindar Singh) सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान सुखबीर सिंह बादल समेत अकाली दल और बसपा के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है.

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दरअसल, अकाली दल और बीएसपी के कार्यकर्ता कैप्टन के घर से कुछ ही दूरी पर भारी विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. अकाली दल कोविड किट घोटाले की जांच और कैप्टन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बलवीर सिंह को हटाने की मांग कर रहा है.

विरोध प्रदर्शन इतना जबरदस्त था कि अकाली और बसपा कार्यकर्ता बैरिकेट्स तोड़ने पर आमदा हो गए, जिस पर पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा. इस दौरान पुलिस के साथ धक्का मुक्की भी हुई. जिसके बाद पुलिस ने शिअद के प्रधान सुखबीर बादल और पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.

बादल ने दिया था 15 जून तक का अल्टीमेटम

कैप्टन सरकार के खिलाफ पिछले साढ़े चार साल में ये सबसे बड़ा प्रदर्शन है. अकाली दल ने कैप्टन सरकार पर कोरोना की वैक्सीन को प्राइवेट अस्पतालों को बेचकर मुनाफा कमाने का आरोप भी लगाया है. विपक्ष कैप्टन सरकार पर स्वास्थ्य मंत्री बलवीर सिंह को बचाने का आरोप भी लगा रहा है. विपक्ष सवाल पूछ रहा है कि जो वैक्सीन सरकारी अस्पतालों को देने के लिए खरीदी गयी वो प्राइवेट अस्पतालों तक कैसे पहुंची ? इससे पहले सुखबीर बादल ने कैप्टन सरकार को अल्टीमेटम दिया था कि अगर 15 जून तक स्वास्थ्य मंत्री को नहीं हटाया तो उनका फार्म हाउस घेरने पहुंचे.

फतेह किट में हुआ घोटाला

कैप्टन सरकार के खिलाफ हमला बोलते हुए अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों को सरकारी वैक्सीन मोटी कीमत पर बेचने के बाद कैप्टन सरकार का फतेह किट का एक और नया घोटाला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि एक सप्लायर को सरकार ने पहले एक फतेह किट के लिए 837 रुपये का रेट दिया था, बाद में उसी सप्लायर को 940 रुपये के हिसाब में आर्डर दिया गया. बाद में इसी फतेह किट को सरकार ने 1226 रुपये में खरीदा. यही नहीं उसके दस दिन के बाद उसी सप्लायर से 1326 रुपये में डेढ़ लाख किट का और आर्डर दे दिया गया.

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निजी अस्पतालों को बेच दी वैक्सीन

इससे पहले सरकार ने वैक्सीन ऊंचे दामों में निजी अस्पतालों को बेच दी गई. जिसके चलते लोगों को वैकसीन लगवाने के लिए भारी कीमत अदा करनी पड़ी. बादल ने कहा कि इस मामले में स्वस्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू को इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि पंजाब में कैप्टन घोटालों की सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं. कोरोना फतेह किट और वैक्सीन को निजी अस्पतालों को बेचे जाने में करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है. पंजाब सरकार ने फैसला वापस लेकर यह बात साबित भी कर दी है.

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स्रोतhindi.news18.com
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