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Chinnamasta Jayanti 2022: हर काम में लाभ पाने के लिए छिन्नमस्ता जयंती के दिन करें ये खास उपाय, जानिए

14 मई को दस महाविद्याओं में से एक देवी छिन्नमस्ता की जयंती मनायी जायेगी। माना जाता है कि इस दिन मां छिन्नमस्ता का प्रादुर्भाव हुआ था। सारे कार्य को सिद्ध करने वाली, दस महाविद्याओं में से एक मां छिन्नमस्ता को चिंतपूर्णी के नाम से भी जाना जाता है। इनकी पूजा से व्यक्ति को तंत्र-मंत्र की सिद्धि भी प्राप्त होती है।

मां छिन्नमस्ता दया और ममता की पराकाष्ठा हैं और इस बात का प्रमाण इसी से मिलता है कि उन्होंने अपनी दो सहचरियों की भूख मिटाने के लिये अपना सिर काट दिया था, जिसके बाद ही देवी मां को छिन्नमस्ता कहा गया है। छिन्नमस्ता का अर्थ होता है – कटा हुआ मस्तक। ऐसे में अलग-अलग शुभ फलों की प्राप्ति के लिये, घर-परिवार की सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी के लिये, देवी मां की कृपा से जीवन में सफलता पाने के लिये, अपने हर काम में लाभ पाने के लिये करें ये खास उपाय, जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से।

अगर आप जीवन में अथाह लक्ष्मी की प्राप्ति चाहते हैं तो इस दिन आपको देवी छिन्नमस्ता के धनदायक मंत्र का जाप करना चाहिए। देवी मां का मंत्रहै-‘ऐं श्रीं क्लीं ह्रीं वज्रवैरोचिनिये फट’ साथ ही इस दिन रुद्राक्ष की माला से आपको इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना चाहिए। ऐसा करने से आपको अथाह लक्ष्मी की प्राप्ति होगी।
अगर आप किसी को अपनी ओर स्तम्भित करना चाहते हैं तो इसके लिये इस दिन आपको छिन्नमस्ता अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। वैसे तो यह अति गोपनीय स्तोत्र है, लेकिन जो व्यक्ति तीनों संध्याओं में इस स्तोत्र का पाठ करता है, वह किसी को भी अपनी ओर स्तम्भित कर सकता है।
अगर आप अपनी बेहतरी सुनिश्चित करना चाहते हैं तो अपनी बेहतरी सुनिश्चित करने के लिये इस दिन आपको स्नान आदि के बाद मंत्र महोदधि में दिये देवी छिन्नमस्ता के मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है -‘ॐ श्रीं ह्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीये ह्रीं ह्रीं फट् स्वाहा’ इस मंत्र जप करने से आपकी बेहतरी सुनिश्चित होगी।
अगर आप अभिष्ट सिद्धियों की प्राप्ति करना चाहते हैं, तो इस दिन आपको छिन्नमस्ता स्तोत्र का केवल एक बार पाठ करना चाहिए। यह सभी सिद्धियों को देने वाला और पापकर्मों का नाश करने वाला है। जो व्यक्ति इस स्तोत्र का पाठ करता है, उसे अभिष्ट सिद्धियां प्राप्त होती हैं। उस व्यक्ति को धन, धान्य, संतान, अच्छा जीवनसाथी, वाहन, भूमि, महाविद्या, सब कुछ आसानी से मिल जाता है। इसलिए आपको छिन्नमस्ता स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए।
अगर आप अपने सौभाग्य में बढ़ोतरी करना चाहते हैं तो इस दिन आपको देवी छिन्नमस्ता के इस सौभाग्य वर्धक मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है- ‘ॐ श्रीं श्रीं ऐं वज्रवैरोचिनिये स्वाहा’ इस दिन घर में इस मंत्र का एक माला, यानी 108 बार जाप करें। साथ ही मंत्र जाप के बाद देवी मां को किसी भी मीठे का भोग लगाएं। ये प्रयोग करने से आपके सौभाग्य में बढ़ोतरी होगी।
अगर आप अपने शत्रुओं को नष्ट करना चाहते हैं तो इस दिन आपको छिन्नमस्ता हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। आप जितनी शीघ्रता से इस स्तोत्र का पाठ करेंगे, उतनी ही शीघ्रता से आप शत्रुओं को नष्ट करने में सफल होंगे।इस दिन छिन्नमस्ता हृदय स्तोत्र का पाठ करने से जहां एक तरफ आपके शत्रु का नाश होगा, तो दूसरी तरफ आपको पुण्य फल मिलेंगे। साथ ही आपको उत्तम आयु तथा आरोग्य की प्राप्ति होगी।
अगर आपके घर में किसी प्रकार का ग्रह दोष है और आप उस दोष को दूर करना चाहते हैं तो ग्रहदोष को दूर करने के लिये इस दिन आपको देवी छिन्नमस्ता के ग्रहदोष नाशक मंत्र का जाप करना चाहिए। देवी का मंत्र इस प्रकार है-ॐ श्रीं ह्रीं ऐं क्लीं वं वज्रवैरोचिनिये हुम’ आपको देवी मां के इस मंत्र का कम से कम तीन माला जाप करना चाहिए। साथ ही जाप के बाद देवी मां को पंचामृत का भोग लगाना चाहिए।
अगर आप किसी बड़ी विद्या या किसी बड़ी सिद्धि की प्राप्ति करना चाहते हैं या फिर कोई काम्य प्रयोग करना चाहते हैं तो इस दिन आपको श्री महाविद्या छिन्नमस्ता महामंत्र का जाप करना चाहिए। देवी मां का मंत्र इस प्रकार है- ‘ॐ श्रीं ह्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचिनीयै ह्रीं ह्रीं फट् स्वाहा’
अगर आप अपनी जिंदगी में हर प्रकार का सुख और शांति बनाये रखना चाहते हैं तो इस दिन आपको सबसे पहले देवी छिन्नमस्ता के सात अक्षरों के इस मंत्र का जाप करना चाहिए। मंत्र है -‘ॐ श्रीं ह्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचिनीयै ह्रीं ह्रीं फट् स्वाहा’ इस प्रकार मंत्र जाप करने से आपकी जिंदगी में हर प्रकार का सुख और शांति बनी रहेगी।

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