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EPF अकाउंट को करें अपडेट, मिलेगा 7 लाख रुपए तक का फायदा, जानें क्या है स्कीम

लगभग हर सरकारी स्कीम के साथ कुछ ना कुछ साइलेंट फीचर (Silent Feature) जरूर होता है, जिसके बारे में आम आदमी को जानकारी नहीं होती, लेकिन ये साइलेंट फीचर होता बड़े काम का है. ऐसा ही एक फीचर एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड (Employees Provident Fund) के साथ जुड़ा हुआ है.

हम बात कर रहे हैं प्रोविडेंट फंड के साथ मिलने वाले जीवन बीमा की. हर कर्मचारी को EPF अकाउंट के साथ 7 लाख रुपए तक का लाइफ इंश्योरेंस कवर (EDIL Insurance cover) मिलता है और वह भी बिल्कुल मुफ्त. EPFO अपने सभी सदस्यों को उनके खाते के साथ इंश्योरेंस की सुविधा देता है. और कर्मचारी के पीएफ खाते के साथ ही इस इंश्योरेंस को लिंक किया जाता है. सबसे खास बात ये है कि यह बीमा बिल्कुल मुफ्त है. इसके लिए कर्मचारी को कुछ भी अंशदान देना नहीं होता है.

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के किसी सदस्य की आकास्मिक मृत्यु हो जाती है तो उसके नॉमिनी लाइफ इन्‍श्‍योरेंस (Life Insurance) की राशि क्‍लेम कर सकता है.

EDLIs के तहत मिलता है इन्‍श्‍योरेंस कवर

EPFO सदस्यों को जीवन बीमा कवर इम्‍प्लॉई डिपॉजिट लिंक्‍ड इन्‍श्‍योरेंस स्‍कीम (EDIL Insurance cover) के तह‍त मिलता है. इस स्‍कीम के तहत ईपीएफओ के किसी सदस्य की मौत होने पर नॉमिनी को अधिकतम 7 लाख रुपए का भुगतान किया जा सकता है.

पहले इसकी लिमिट 3.60 लाख रुपये थी. इसके बाद इस लिमिट को 6 लाख रुपए किया गया. पिछले साल सितंबर यह लिमिट बढ़ाकर 7 लाख रुपए कर दी गई. बोनस की लिमिट को भी डेढ़ लाख से बढ़ाकर ढाई लाख रुपए कर दिया गया था.

जीवन बीमा क्लेम की गणना

ईपीएफओ के किसी सदस्य की मौत होने पर उसके नॉमिनी को पिछले एक साल की औसत सैलरी की 30 गुना राशि 20 फीसदी बोनस के साथ मिलती है.2

इस गणना को ऐसे समझा जा सकता है. अगर किसी कर्मचारी की बेसिक इनकम 15,000 रुपये महीना है. इसे 30 गुना करेंगे तो यह रकम 4,50,000 रुपये होती है. और अब इस पर 2,50,000 रुपये का बोनस जोड़ा जाएगा तो यह रकम 7 लाख रुपये होती है. इंश्योरेंस क्लेम अधिकतम 7 लाख रुपये तक ही होता है.

क्लेम का दावा

ईपीएफओ सदस्य की मृत्यु होने पर अकाउंट का नॉमिनी बीमा राशि के लिए दावा कर सकता है. इसके लिए इंश्योरेंस कंपनी को डेथ सर्टिफिकेट और बैंक डिटेल्स आदि डॉक्यूमेंट्स देने की जरूरत होगी. अगर कोई नॉमिनी नहीं है तो फिर कानूनी उत्तराधिकारी यह अमाउंट क्लेम कर सकता है.

रि‍टायरमेंट के बाद नहीं मि‍लता क्‍लेम

EPF अकाउंट पर होने वाले इस इंश्‍योरेंस का दावा सि‍र्फ तभी कि‍या जा सकता है, जब पीएफ खाताधारक की मौत नौकरी के दौरान हुई हो. इस दौरान चाहे वह ऑफि‍स में काम कर रहा हो या छुट्टी पर हो. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. नॉमिनी पैसा क्लेम कर सकता है. रिटायमेंट के बाद बीमा राशि के लिए क्लेम नहीं किया जा सकता है. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

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