Dhanteras 2021: आज है धनतेरस, त्रिपुष्कर योग में करें सोने-चांदी और बर्तनों की खरीदारी

आज धनतेरस है. धनतेरस का पर्व पांच दिनों तक चलने वाले दिवाली (Diwali 2021) के पहले दिन मनाया जाता है. इसे दिवाली से 2 दिन पहले मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर धनतेरस का त्योहार होता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वंतरि समुद्र मंथन के दौरान सोने का घड़ा लेकर प्रकट हुए थे. धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतिर के अलावा भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदारी करना बहुत ही शुभ होता है. इस कारण से वर्षों से धनतेरस के मौके पर सोना-चांदी के अभूषण, बर्तन, घरों में प्रयोग की जाने वाली वस्तुएं, कार, मोटर साइकिल और जमीन-मकान के सौदे होते हैं. माना जाता है धनतेरस पर जो भी चीजें घर खरीदकार लाई जाती है उसमें सालभर तेरह गुना की बढ़ोतरी होती है और घर में सुख समृद्धि आती है. साथ ही पैसों की कमी कभी नहीं होती.

धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार धनतेरस पर आज त्रिपुष्कर योग बन रहा है. त्रिपुष्कर योग में जो भी कार्य किए जाते हैं, उसका तिगुना फल मिलता है. त्रिपुष्कर योग में सोना-चांदी खरीदने के अलावा निवेश के लिए भी अच्छा मौका होता है. त्रिपुष्कर योग मंगलवार और द्वादशी तिथि के संयोग से बनता है. द्वादशी तिथि 1 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 21 मिनट से शुरू हो चुकी है और यह 2 नवंबर सुबह 11:30 बजे तक रहेगी. इसलिए इस योग का लाभ आज सुबह 11 बजकर 30 मिनट तक मिलेगा.

धनतेरस पर लाभ अमृत योग

धनतेरस पर आज लाभ अमृत योग का भी निर्माण हो रहा है जो सुबह 10.30 बजे से शुरु होकर दोपहर के 1.30 बजे तक रहेगा. लाभ अमृत योग में भी खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है. इसके अलावा आज दोपहर में 3 बजे से शाम 4.30 बजे तक और शाम 7.30 बजे से रात के 9 बजे के बीच भी खरीदारी करना शुभ है.

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि और कुबेर की पूजा का विधान है. 2 नवंबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 37 मिनट से रात 8 बजकर 11 मिनट तक का है. वहीं वृषभ काल शाम 6.18 मिनट से रात 8.14 मिनट तक रहेगा. धनतेरस पर पूजन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 6.18 मिनट से रात 8.14 मिनट तक का रहेगा.

धनतेरस का महत्व

धनतेरस पर लोग अपने घरों में दीपक जलाते हैं. इस दिन विशेष रूप से लोग भगवान धन्वंतरि की पूजा करते है. मान्यता है जो भी धनतेरस पर भगवान कुबेर, मां लक्ष्मी संग धन्वंतरि की पूजा करता है उसका घर हमेशा धन-धान्य, सुख-सुविधा और वैभव से भरा हुआ रहता है. धनतेरस पर ज्यादातर लोग सोने-चांदी से बनी चीजों को प्रमुखता से खरीदते हैं और इसके लिए शुभ मुहूर्त पर विचार करते हैं. धनतेरस पर शुभ मुहूर्त पर सोने चांदी से बने बर्तन या आभूषण खरीदने पर बहुत ही शुभ परिणाम प्राप्त होता है. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतhindi.news18.com
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