Fastag नहीं तो आज से भरना होगा दोगुना टोल टैक्स, यहां से तुरंत खरीदें

बिना फास्टैग वाले वाहनों को देश भर में सोमवार रात 12 बजे से इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लाजा पर दोगुना पथकर देना होगा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने 15 फरवरी से फास्टैग को अनिवार्य कर दिया है और जिन वाहनों में फास्टैग नहीं लगे होंगे, उन्हें देश भर में इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लाजा पर दोगुना पथकर देना होगा। मंत्रालय के बयान के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों पर जो भी पथकर लेने वाले जो भी प्लाजा होंगे, उन्हें ‘फास्टैग लेन’ घोषित किया जाएगा। यह व्यवस्था 15 फरवरी की मध्यरात्रि से लागू होगी।

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जानिए कहां से खरीदें फास्टैग

फास्टैग को 23 ऑथराइज्ड बैंक, रोड ट्रांसपोर्ट ऑफिस के पॉइंट ऑफ सेल से खरीदा जा सकता है। इसके अलावा अमेजन, फ्लिपकार्ट और पेटीएम जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी यह उपलब्ध है। जहां तक पेटीएम के फास्टैग की बात है इसमें आपको अलग से पैसे रखने की जरूरत नहीं होती है। आपका पेटीएम बैलेंस ही फास्टैग बैलेंस माना जाता है। जानकारी के मुताबिक देश में 30 हजार पॉइंट ऑफ सेल (PoS) पर फास्टैग उपलब्ध हैं। जहां से आप तुरंत हाथों हाथ फास्टैग खरीद सकते हैं।

फास्टैग के लिए कौन से दस्तावेज हैं जरूरी

फॉस्टैग खरीदने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की कॉपी की जरूरत पडेगी। इसके अलावा वाहन मालिका पैन कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी भी दिखाकर फास्टैग मंगा सकते हैं। वाहन चालक/मालिक जिस बैंक का फास्टैग है, उसकी वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रिचार्ज कर सकते हैं।

कैसे करें फास्टैग को रिचार्ज

वाहन चालक/मालिक जिस बैंक का फास्टैग है, उसकी वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रिचार्ज कर सकते हैं। साथ ही फास्टैग को UPI/डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड/NEFT/नेट बैंकिंग आदि के माध्यम से भी रिचार्ज किया जा सकता है। अगर फास्टैग बैंक खाते से लिंक है तो पैसा सीधे खाते से कट जाता है। अगर Paytm वॉलेट फास्टैग से लिंक होता है तो पैसे सीधे वॉलेट से डाले जा सकते हैं।

फास्टैग की कीमत?

नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा फास्टैग की कीमत 100 रुपए तय की है। हालांकि इसके अलावा वाहन मालिक को 200 रुपए की सिक्युरिटी डिपॉजिट भी करनी पड़ती है।

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क्या है नियम

राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम 2008, के तहत जिस वाहन में फास्टैग नहीं लगा होगा या वह वैध नहीं होगा, उन्हें फास्टैग लेन में उस खंड में जितना पथकर लगता है, उसका दोगुना देना होगा। यह कदम डिजिटल तरीके से शुल्क भुगतान को बढ़ावा देने के लिये उठाया गया है। इससे भुगतान के लिये लगने वाला समय कम होगा और ईंधन खपत में भी कमी आएगी। इससे कुल मिलाकर यात्रा निर्बाध हो सकेगी। मंत्रालय ने एम और एन श्रेणी के वाहनों के लिये एक जनवरी 2021 से फास्टैग से पथकर भुगतान को अनिवार्य किया है। श्रेणी एम से आशय यात्रियों को ले जाने वाले चार पहिया वाहनों से जबकि एन श्रेणी का मतलब वस्तुओं की ढुलाई करने वाले चार पहिया वाले वाहनों से है। ये वाहन वस्तुओं के अलावा लोगों को भी ले जा सकते हैं। अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतwww.indiatv.in
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