Guru Pushya Yog 2020: शुभ संयोग के साथ अप्रैल की विदाई, आइए देखते है मई की उम्मीद

शुभ संयोग में अप्रैल की विदाई

अप्रैल 2020 से हिंदू नववर्ष का आरंभ हुआ है। इसी महीने से ही देश के कई अलग-अलग प्रांतों के भी नववर्ष का आरंभ हुआ है। लॉकडाउन के कारण इस महीने के कई उत्सव और व्रत त्योहार का रंगी फीका रह गया। अब इस महीने की हमेशा के लिए विदाई होने वाली है। जाते-जाते यह महीना लोगों को सकारात्मक सोच और ऊर्जा बनाए रखने की प्रेरण दे रहा है और इसके लिए महीने की विदाई बेहद शुभ संयोग के साथ होने जा रही है।

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2020 में 4 बार यह शुभ योग

महीने के अंतिम दिन यानी 30 अप्रैल को गुरुवार है। शुभ संयोग यह है कि इस दिन शनि का नक्षत्र पुष्य उपस्थित रहेगा। ऐसे में गुरु पुष्य नामक शुभ योग बनेगा। गुरु पुष्य योग को ज्योतिषशास्त्र में बहुत ही शुभ माना गया है। 2020 में यह योग कुल 4 बार आने वाला है जिनमें पहला गुरु पुष्य योग 2 अप्रैल को था। 30 अप्रैल के बाद फिर यह शुभ योग 28 मई को फिर 31 दिसंबर को बनेगा।

इस योग में लंबे समय का लाभ

इस दिन कोई भी शुभ काम आरंभ किया जा सकता है। इस शुभ योग में विवाह संस्कार करना केवल अशुभ माना जाता है क्योंकि विवाह के लिए यह योग शापित है। अन्य कार्यों जैसे किसी विशेष लाभ या फल की प्राप्ति के लिए हवन करना शुभ होता है। गुरु पुष्य योग में गुरु मंत्र लिया जा सकता है। कोई भी बिजनस डील करना फायेदेमंद होता है। ज्योतिषशास्त्र में कहा गया है कि इस योग पर शनि और गुरु दोनों का शुभ प्रभाव होता है इसलिए लंबे समय तक जिन चीजों से लाभ की अपेक्ष हो उसे इस योग में आरंभ करना चाहिए। शिक्षा प्राप्ति के लिए, भूमि से संबंधित काम और धन निवेश के लिए भी यह योग उत्तम माना गया है।

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इसलिए गुरु पुष्य में विवाह होता है अशुभ

पौराणिक कथा के अनुसार ब्रह्माजी की पुत्री शारदा थीं जिनका विवाह ब्रह्माजी ने तय कर दिया। विवाह के दिन ब्रह्माजी का मन भ्रमित हो गया और वह अपनी पुत्री के सौंदर्य पर स्वयं मोहित हो गए। ब्रह्माजी स्वयं अपनी पुत्री से विवाह करने के इच्छुक हो गए। ब्रह्माजी का जब मोह भंग हुआ तो उन्हें पुष्य नक्षत्र पर बहुत क्रोध आया और उन्होंने इस नक्षत्र को शाप दे दिया कि जो भी इस नक्षत्र में विवाह करेगे उनका वैवाहिक जीवन असफल होगा। इसके बाद से पुष्य नक्षत्र में विवाह संस्कार नहीं किया जाता है।

अप्रैल के अंत में गुरु पुष्य और मई में गुरु शनि का बदलाव

अप्रैल का महीना पूरी दुनिया के लिए संकट भरा महीना रहा है। अप्रैल के अंत में गुरु पुष्य और मई में गुरु और शनि का वक्री होना देश दुनिया के लिए कुछ हद तक राहत देने वाला हो सकता है। कई अटकी योजनाएं और कार्य मई के महीने में बनेंगे। चिकित्सा के क्षेत्र में भी कुछ सुखद परिणाम प्राप्त होंगे। लोगो में अपनी क्षमताओं को बढ़ाने का जोश और उत्साह बढ़ेगा जो आने वाले दिनों में काम आएगा।