रोजाना की ये 7 आदतें कर सकती है आपका ब्रेन डैमेज, कभी भी न करें इन्हें इग्नोर

ब्रेन डैमेज

भागदौड़ भरी लाइफ में हर रोजाना स्वास्थ्य के फ्रति कोई न कोई गलती कर देते हैं। जिसके याददाश्त कमजोर होना, ब्रेन टिश्यूज डैमेज होना या अल्जाइमर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हमारी कुछ गलत आदतों के कारण हमारा दिमाग ठीक ढंग से काम नहीं कर पाता है जिसके कारण आगे चलकर यह बड़ी समस्या का कारण बनता है।  कई शोधों में ये बातें सामने आईं है कि आपकी आदतों का असर आपके दिल में पड़ता है लेकिन आपको बता दें कि इसका असर आपके दिमाग में सबसे ज्यादा पड़ता है। छोटी-छोटी सी लगने वाली आपकी ये आदते आपके लिए काल बन सकती हैं। डब्लूएचओ(विश्व स्वास्थ्य संगठन)  ने कुछ वर्षों में कुछ ऐसी ही आदतों के बारे में बताया है जो आपके ब्रेन को डैमेज कर सकती है।

जो लोग ब्रेकफास्ट छोड़ देते है उनका ब्लड शुगर लो हो जाता है। जिसके कारण दिमाग में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व और न्यूट्रियंस नहीं पहुंच पाते हैं। 

अधिक खा लेना
अगर आप अधिक मात्रा में खा लेते है फिर चाहे वो हेल्दी फूड ही क्यों न हो। वह भी आपके दिमाग के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अधिक खाने के कारण आपके सोचने की क्षमता में काफी पर्रभाव पड़ता है। अगर आप अधिकतर ज्यादा खाना खा लेते है तो ये आगे जाकर ओवरवेट, हार्ट प्रॉब्लम, डायबिटीज या फिर हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। 

अंधेरे में ज्यादा वक्त बीताना
अगर आप उजाले से दूरी बनाकर रखते है तो आप डिप्रेशन का शिकार हो जाएगे। जिसके कारण आपका दिमाग ठीक ढंग से काम नहीं करेगा। सूर्य की रोशनी आपके दिमाग को ठीक ढंग से काम करने के लिए मदद करता है। 

हमेशा अकेला रहना पसंद
आपकी ये आदत भी ब्रेन डैमेज का कारण बन सकती हैं। वह कुछ गिने-चुने की दोस्त बनाते है और अकेले वक्त गुजरना ही पसंद करते है। जिसके कारण आप एल्जाइमर का शिकार हो सकते हैं। इसलिए खाली वक्त बैठने के बजाय आप कोई खेल या फिर कोई शारीरिक और मानसिक काम कर सकते हैं। 

ईयरफोन में तेज आवाज में गाने सुनना
अगर आप अपने ईयरफोन की तेज आवाज करके सुनते है तो जान लें कि आप सिर्फ 30 मिनट में आप सुनने की क्षमता खो सकते हैं। युवाओं को सुनने की क्षमता का सीधा कनेक्शन उनके दिमाग से होता है। क्योंकि इससे ब्रेन के टिशू खो जाते हैं। 

स्मोकिंग
अगर आप स्मोकिंग करते है तो जान लें कि जल्द ही आप ब्रेन संबंधी किसी बीमारी जैसे कि एल्जाइमर, डिमेंशिया के शिकार हो सकते हैं। 

सोते समय फोन साथ रखना
अगर आप सोते समय अपना फोन अपने सिर के पास रखते है तो इस आदत को तुरंत बदल दें क्योंकि मोबाइल ने निकलने वाली हानिकारक किरणें सीधें आपके दिमाग को प्रभावित कर सकती है।