Holi 2022: वास्तु अनुसार किन रंगों से खेलें होली, जो बढ़ाएगा सुख और सौभाग्य

रंगों का त्योहार होली आने वाली है. इस साल होली 18 मार्च को है. इस दिन लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल से सराबोर कर देते हैं. हर किसी के चेहरे लाल, हरे, गुलाबी रंग या गुलाल से रंगे होते हैं. रंग सुख, सौभाग्य और खुशहाली के प्रतीक माने जाते हैं. इस साल होली के अवसर पर आप वास्तु अनुसार रंगों का चयन करके अपनी किस्मत को चमका सकते हैं. आइए जानते हैं कि वास्तु (Vastu) अनुसार किन रंगों से होली खेलने से सुख और सौभाग्य (Happiness And Good Luck) में वृद्धि होती है.

होली 2022 रंगों का किस्मत कनेक्शन

  1. लाल रंग: लाल रंग या गुलाल से होली खेलने से सेहत और प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है. लाल रंग को ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है. इस रंग के प्रयोग से मंगल ग्रह मजबूत होता है. हालांकि जिन लोगों को जल्दी गुस्सा आता है या जो लोग अवसाद में हैं, उन लोगों को लाल रंग का प्रयोग करने से बचना चाहिए. लाल रंग दक्षिण पूर्व दिशा का प्रतीक है.
  2. हरा रंग: हरा रंग या गुलाल से होली खेलने से सुख, समृद्धि, प्रेम, तरक्की और सेहत में वृद्धि होती है. हरे रंग को समृद्धि, प्रेम, प्रगति और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. हरे रंग के प्रयोग से बुध ग्रह मजबूत होता है. निर्णय क्षमता, बुद्धि, विवेक में वृद्धि होती है. बिजनेस में तरक्की मिलती है. प्रेम संबंधों को मजबूत करने के लिए भी आप हरे रंग से होली खेल सकते हैं. इस रंग से जीवन में शांति आती है. हरा रंग उत्तर दिशा का प्रतीक माना जाता है.
  3. पीला रंग: पीले रंग से होली खेलने पर प्रेम, सौंदर्य, आनंद में वृद्धि होती है. पीला रंग भगवान श्रीकृष्ण को बहुत प्रिय है. पीला रंग गुरु ग्रह का भी प्रतिनिधि है. इसके प्रयोग से सफलता, यश और कीर्ति में वृद्धि होती है. यदि किसी से रिश्तों में खटास हो, तो उसके साथ पीले रंग से होली खेलें. यह निराशा को दूर करता है. पीला रंग उत्तर-पूर्व दिशा का प्रतीक है.
  4. गुलाबी रंग: इस रंग से होली खेलने से प्रेम बढ़ता है. आपको अपने जीवनसाथी के साथ इस रंग या गुलाल से होली खेलनी चाहिए. इससे रिश्ते मजबूत होंगे. गुलाबी रंग के प्रयोग से व्यक्ति के अंदर संषर्घ करने की क्षमता बढ़ती है.
  5. नीला रंग: इस रंग से होली खेलने पर आरोग्य की प्राप्ति होती है. बीमार लोगों को आप नीले गुलाल लगा सकते हैं. नीला रंग शनि देव का भी प्रतीक है. इसके प्रयोग से शनि देव की भी कृपा प्राप्त कर सकते हैं. इसके प्रयोग से सुरक्षा की भावना मजबूत होती है.

होली के समय में काले रंग का प्रयोग न करें. वास्तुशास्त्र में इसे परेशानियां और उलझनें बढ़ाने वाला माना गया है. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतhindi.news18.com
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