आपके सपनों का आश‍ियाना, हाथ की रेखाओं से जानें कैसा और कहां होगा…?

इन रेखाओं से जानें अपने ख्‍वाबों के घर को

हर कोई अपना आश‍ियाने का सपना देखना चाहता है। क‍िसी को कहीं बागों के बीच अपना घर बनाने की ख्‍वाहिश होती है तो क‍िसी को बड़े शहर में अपना फ्लैट होने की चाहत होती है। तो आपके इन ख्‍वाहिशों और ख्‍वाबों का आशियाना कैसा और कहां हो इसका राज आपकी हथेल‍ियों में ही छ‍िपा होता है। जी हां हस्‍तरेखा शास्‍त्र में इसका जिक्र मिलता है। इसके लिए आपको किसी ज्‍योतिषी के पास जाने की भी जरूरत नहीं है। आप इस आर्टिकल में बताए गए टिप्‍स पढ़कर आसानी से जान सकते हैं क‍ि अपने आश‍ियाने के बारे में…

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ऐसी रेखा तो जान लें क‍ि झील क‍िनारे होगा घर

हस्‍तरेखा शास्‍त्र के अनुसार, अगर क‍िसी व्‍यक्ति मस्तिष्क रेखा या उसकी शाखा चंद्रमा पर जाती हो। या फिर भाग्य रेखा भी चंद्रमा से निकलती हो तो ऐसे लोगों का आश‍ियाना क‍िसी झील क‍िनारे होता है। वहीं अगर भाग्य रेखा मोटी हो तो ऐसे जातकों का मकान किसी पेड़ के नीचे या बड़े मकान की छाया में होता है।

ऐसी हो रेखा तो मकान होता है संकरी गली में

हस्‍तरेखा शास्‍त्र के मुताबिक अगर क‍िसी व्‍यक्ति की जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा का जोड़ लंबा हो। या जीवन रेखा कई जगहों से टूटी हुई हो। या फिर मस्तिष्क रेखा दोषपूर्ण हो तो ऐसे जातकों का न‍िवास स्‍थान संकरी गली में होता है। कई बार यह भी देखा गया है क‍ि इन जातकों को अपने निवास स्थान को बनवाने के लिए काफी द‍िक्‍कतों का सामना करना पड़ता है।

ऐसी हो रेखा तो आलीशान होता है आश‍ियाना

हस्‍तरेखा शास्‍त्र के अनुसार अगर क‍िसी व्‍यक्ति की उंगलियां छोटी और पतली हों या फिर जीवन रेखा गोलाकार हो। या मस्तिष्क रेखा कहीं भी कटी हुई न हो तो ऐसे जातकों का मकान जल्‍दी ही बन जाता है। हस्‍तरेखा शास्‍त्र कहता है क‍ि ऐसे लोगों का घर काफी खूबसूरत जगह पर होता है। साथ ही तमाम सुख-सुव‍िधाओं से भी पर‍िपूर्ण होता है।

ये रेखाएं हों तो समझ लें बनेंगे बड़े घर के मालिक

हस्‍तरेखा शास्‍त्र के अनुसार अगर क‍िसी जातक की जीवन रेखा गोलाकार हो और उसपर त्रिभुज भी हो। साथ मस्तिष्क रेखा से भी शाखा न‍िकलती हो तो ऐसे जातक क‍िसी बड़े मकान के मालिक बनते हैं। वहीं अगर किसी व्‍यक्ति की मस्तिष्क रेखा मंगल या चंद्रमा पर जाती हो तो ऐसे लोग अपने पैतृक घर में ही निवास करते हैं।