लॉकडाउन में घर की महिलाएं कैसे रहें खुश और तनावमुक्त, इसके लिए आजमाएं ये कुछ खास टिप्स

लॉकडाउन में घर की महिलाएं कैसे रहें खुश और तनावमुक्त, इसके लिए आजमाएं ये टिप्स
घर की महिलाओं के लिए लॉकडाउन में काम और बढ़ गया है। तो ऐसे में वो कैसे खुश और तनावमुक्त रखें इसके टिप्स एंड ट्रिक्स जानना बेहद जरूरी है।

लॉकडाउन के दौरान सभी कह रहे हैं कि घर का हर सदस्य अपनी जिम्मेदारी निभाए, यह सौ प्रतिशत ठीक है, लेकिन जब आप घर में मुस्कराती, गुनगुनाती रहेंगी तभी हर सदस्य का चेहरा खिला रहेगा। अगर आपने खुद को ही चिंताओं और अवसाद के घेरे में डाल दिया है तो आपके घरौंदे में बहार कैसे आएगी और घरवालों के बीच बॉन्डिंग कैसे बनेगी? आपका खुश रहना हर हाल में लाजिमी है और आपकी थोड़ी सी कोशिश आपको बचा सकती है खुशियों के लॉकडाउन से..

नाश्ते से लेकर रात के खाने तक की फिक्र, संतुलित भोजन की सोच, बच्चों को व्यस्त और क्रिएटिव रखने की जद्दोजहद, पति की फरमाइशों को पूरा करने की ख्वाहिश, घर के बुजुर्गों में समाए डर को निकालने की मंशा, खुद के प्रोफेशन की चिंता और न जाने क्या-क्या? लॉकडाउन में घर में रह रही महिलाओं की सोच के घोड़े हर तरफ दौड़ रहे हैं। ऐसे में थोड़ा सा रुकने और अपने बारे में सोचने की फुरसत ही नहीं, लेकिन खुद के लिए समय तो निकालना है और अपनी अनमोल स्किल्स से खुश रहकर सभी को प्रसन्न भी रखना है। ऐसे में क्या करें? प्रश्न मुश्किल है, लेकिन हल भी कम नहीं।

डिजिटल हो जाएं
महिलाओं के एंटरटेनमेंट व उन्हें खुश रखने के लिए आजकल टिकटॉक व हेलो एप जैसे कई डिजिटल प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। जहां थोड़ा सा समय देकर और छोटी-छोटी वीडियो बनाकर दिनभर की थकान आसानी से उतारी जा सकती है और खुशी हासिल की जा सकती है। आप अपनी खुशी के लिए दिन में ज्यादा नहीं तो कम से कम दस-पंद्रह मिनट ही निकालें। अगर आप डांस पसंद करती हैं या मेकअप करना या फिर कुछ और। कुछ पढ़ाई-लिखाई करें। किताबें पढ़ें, गीत-गजल लिखें, आप एक कॉपी या डायरी लेकर उसमें अपने मन में चल रही बातों को लिखें। बहुत समय है आपके पास। अपने लिए सिर्फ दस-पंद्रह मिनट भी निकाल लें तो वे भी बहुत हैं। 

खुशी बांटने से मिलेगी खुशी 
जरूरतमंद लोगों की मदद करना हमेशा अंदरूनी खुशी देता है। इस समय बहुत से लोग ऐसे हैं जिनकी हम अपनी साम‌र्थ्य के अनुसार मदद कर सकते हैं।

अच्छा खाएं और मस्त रहें 
खुश रहने के लिए हमारा खाना-पीना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब अपने मन से अच्छा बनाते हैं और खाते हैं तो हम खुश हो जाते हैं। खाना, तनाव, नींद, मूड, न्यूट्रिशन वैल्यू ये सब आपस में जुड़े हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताकर हम खुशी पा सकते हैं। पहले हम शिकायत करते थे कि हमें परिवार के साथ बैठने का समय नहीं मिलता। अब मिल रहा है तो हमें इसका पूरा फायदा उठाना चाहिए। हम परिवारवालों के साथ अपनी भी भावनाएं शेयर करें। 

और भी हैं रास्ते 
वर्क फ्रॉम होम कर रही हैं तो बेहतर टाइम मैनेजमेंट ही आपको तनावरहित रख सकता है। अगर कभी किसी को थैंक्स नहीं कह पाईं हैं तो उठाइए फोन और उनका आभार व्यक्त कर दीजिए। अपनी गलती को स्वीकार कर लेना भी सुकून देता है। रोजाना पूरी नींद लें, संगीत सुनें। आप चाहें तो छोटी-छोटी चीजों में ही खुशी पा सकती हैं।