Home ज्योतिष Kaal Bhairav Jayanti 2020: काल भैरव जयंती के दिन करें ये 5...

Kaal Bhairav Jayanti 2020: काल भैरव जयंती के दिन करें ये 5 उपाय, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी

काल भैरव जयंती 7 दिसंबर को मनाई जाएगी। हिन्दू पंचांग के अनुसार, हर साल मार्गशीर्ष माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव देव जी की जयंती मनायी जाती है। इस दिन को कालाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान काल भैरव का जन्म मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर हुआ था। काल भैरव जयंती के दिन भगवान काल भैरव जी की विधि विधान के साथ पूजा की जाती है। इस दिन उनकी कृपा पाने के लिए विशेष विशेष उपाय करने चाहिए।

काल भैरव जयंती के दिन भगवान शिव की पूजा करने से भी भगवान भैरव का आशीर्वाद मिलता है, क्योंकि भगवान भैरव की उत्पत्ति भगवान शिव के अंश के रूप में हुई थी। कालाष्टमी के दिन 21 बिल्वपत्रों पर चंदन से ‘ॐ नम: शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस विधि से पूजन करने पर भगवान भैरव प्रसन्न होंगे और आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

काल भैरव जी को प्रसन्न करने के लिए, उनकी कृपा पाने के लिए कालाष्टमी के दिन से भगावान भैरव की प्रतिमा के आगे सरसो के तेल का दीपक जलाएं और श्रीकालभैरवाष्टकम् का पाठ करें। मनोकामना पूर्ण होने तक प्रतिदिन इस उपाय को भक्ति भाव के साथ करें।

काल भैरव जयंती के दिन से लेकर 40 दिनों तक लगातार काल भैरव का दर्शन करें। इस उपाय को करने से भगवान भैरव प्रसन्न होंगे और आपकी मनोकामना को पूर्ण करेंगे। भैरव की पूजा के इस नियम को चालीसा कहते हैं जो चन्द्रमास के 28 दिनों और 12 राशियां को जोड़कर बनता है।

काल भैरव जयंती के दिन भगवान भैरव को प्रसन्न करने के लिए काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलाएं। यदि काला कुत्ता उपलब्ध न हो तो किसी भी कुत्ते को खिलाकर यह उपाय कर सकते हैं। इस उपाय को करने से न सिर्फ भगवान भैरव बल्कि शनिदेव की भी कृपा बरसेगी। काल भैरव जयंती के दिन भगवान भैरव के मंदिर में जाकर सिंदूर, सरसों का तेल, नारियल, चना, चिरौंजी, पुए और जलेबी चढ़ाकर भक्ति भाव से पूजन करें। अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

Exit mobile version