Navratri 2021: मां दुर्गा ने धारण किए हैं ये शस्त्र, जानें इनका महत्व

नवरात्रि हिंदुओं के सबसे प्रमुख त्यौहारों में से एक है. नवरात्रि (Navratri) के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरुपों की आराधना की जाती है. यह त्यौहार देशभर में मनाया जाता है. दुर्गा पूजा (Durga Puja) देश के अलग-अलग हिस्सों में 6 से 10 दिनों तक अलग-अलग दिनों में मनाया जाता है. वैसे तो नवरात्रि सभी राज्यों में मनाया जाता है लेकिन जिस तरह गणेशोत्सव की महाराष्ट्र में धूम रहती है, उसी तरह नवरात्रि की भव्यता पश्चिम बंगाल में देखने को मिलती है. मां शक्तिरुपा हैं. धार्मिक मान्यताओं में उन्हें सबसे शक्तिशाली देवी माना गया है.

मां की दस भुजाएं शस्त्रों के साथ हैं और वे भक्तों की सुरक्षा का प्रतीक हैं. हम आपको मां दुर्गा के पास मौजूद शस्त्रों और प्रतीक चिन्हों के बारे में बनाएंगे और उनके अर्थ की जानकारी भी देंगे. मां दुर्गा के हथियारों में त्रिशूल से लेकर सुदर्शन चक्र भी शामिल हैं.

त्रिशूल – मां दुर्गा को त्रिशूल भगवान महादेव द्वारा भेंट किया गया है. इस त्रिशूल की तीन तीक्ष्ण धार हैं जो कि तीन गुणों का भी प्रतीक हैं. ये तमस, राजस और सत्व का प्रतीक हैं.
सुदर्शन चक्र – भगवान कृष्ण द्वारा मिला सुदर्शन चक्र भी मां का हथियार है. यह इस बात का प्रतीक है कि दुनिया देवी मां द्वारा नियंत्रित है और जो सृष्टि केंद्र है ब्रह्मांड उसके इर्द गिर्द घूमता है.
कमल – कमल भगवान ब्रह्मा का प्रतीक माना जाता है. जो कि ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है. आधा खिला कमल अंधेरे मन में आध्यात्मिक चेतना के उदय का प्रतीक है.

धनुष और बाण – धनुष और बाण पवनदेव और सूर्यदेव द्वारा दिए गए हैं, जो ऊर्जा के प्रतीक हैं. धनुष संभावित ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं तीर गतिज ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है. यह इस बात का भी प्रतीक है कि देवी दुर्गा ही ब्रह्मांड में ऊर्जा के सभी स्रोत को नियंत्रित कर रही हैं.
तलवार – यह शस्त्र भगवान गणेश द्वारा प्रदत्त किया गया है. यह ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक है. तलवार बुद्धि की तीक्ष्णता का प्रतिनिधित्व करती है और उसकी चमक ज्ञान का प्रतिनिधित्व करती है.
वज्र – इंद्रदेव का उपहार वज्र, आत्मा की दृढ़ता, मजबूत संकल्प शक्ति का प्रतीक है. देवी दुर्गा अपने भक्त को अदम्य आत्मविश्वास और इच्छाशक्ति के साथ सशक्त बनाती हैं.

भाला – यह शुभता का प्रतीक है, जो भगवान अग्नि द्वारा मां को उपहार में दिया गया हैं. यह उग्र शक्ति का भी प्रतिनिधित्व करता है. यह गलत और क्या सही है और उसके अनुसार कार्य करने के बीच का अंतर जानता है.
सांप – भगवान भोलेशंकर का सांप चेतना और ऊर्जा का प्रतीक है. यह नई चीजों का अनुभव करने का आग्रह करता है. चेतना की निचली अवस्था से उच्च अवस्था में परिवर्तन का भी यह प्रतिनिधित्व करता है.
कुल्हाड़ी – भगवान विश्वकर्मा से मां दुर्गा को एक कुल्हाड़ी और कवच भी प्राप्त हुआ है. यह बुराई से लड़ने और किसी भी परिणाम से भय न होने का प्रतीक है. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतhindi.news18.com
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