संगम स्नान के लिए निकली 64 टन वजनी हनुमान प्रतिमा, 2100 किमी. का सफर तय करेगी

उदयपुर. भीलवाड़ा से संगम स्नान के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हुई 64 टन वजनी और 28 फीट लंबी हनुमान प्रतिमा बुधवार को उदयपुर पहुंची। यहां फूल माला के साथ प्रतिमा का स्वागत किया गया। इस प्रतिमा को विशेष रूप से बनवाए गए 28 पहियों वाले 60 फीट लंबे ट्रोले में रखा गया है। प्रतिमा के साथ यात्रा कर रहे पुजारी ने बताया कि प्रयागराज में स्नान के बात इस मूर्ति को फिर भीलवाड़ा लाया जाएगा। यहां इसकी स्थापना की जाएगी। 

15 दिन की होगी यात्रा
प्रतिमा को महंत बाबूगिरी के नेतृत्व में प्रयागराज ले जाया जा रहा है। प्रतिमा को वहां ले जाने और वापस लाने में 15 दिन लगेंगे। यात्रा भीलवाड़ा से गंगापुर, नाथद्वारा होते हुए बुधवार को उदयपुर पहुंची, जो पहला पड़ाव है। एक दिन उदयपुर विश्राम के बाद मंगलवाड़ चौराहा, चित्तौड़गढ़, कोटा, शिवपुरी सहित करीब जाने व आने में 2100 किलोमीटर का सफर तय करेगी।

4 क्रेन और 40 लोगों की सहायता से ट्रोले पर प्रतिमा को रखा गया
यात्रा प्रारंभ होने से पहले प्रतिमा को भीलवाड़ा के संकट मोचन मंदिर में लाया गया था। हाथीभाटा आश्रम से प्रतिमा को शहर में लाना आसान नहीं था। इसे शुक्रवार को विशेष रूप से बनवाए गए ट्रोले में 4 क्रेन और 40 लोगों की सहायता से रखा गया।