आज व्याघात योग के साथ बन रहे हैं कई शुभ योग, आइये जानते है किस उपाय को करने से मिलेगा मनपसंद जीवनसाथी

आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और शुक्रवार का दिन है। आज रात 10 बजकर 6 मिनट तक व्याघात योग रहेगा। यदि व्यक्ति इस योग में किसी का भला करने भी जाए तो लोग उसे ही गलत समझते है। साथ ही आज मघा नक्षत्र रहेगा। सत्ताईस नक्षत्रों में से दसवां स्थान मघा नक्षत्र का है। मघा नक्षत्र का अर्थ है – बलवान या महान। इसका प्रतीक चिन्ह राज सिंहासन को माना जाता है, जो कि शासन, शक्ति और प्रभुत्व के साथ जुड़ा हुआ है। मघा नक्षत्र में तालाब बनवाना, कुएं खुदवाना, चिकित्सा का कार्य, विद्या अध्ययन, लेखन और शिल्प आदि से संबंधित कार्य करना शुभ माना जाता है। 

यह भी पढ़े: हाथ की रेखाओं से जानें कैसा और कहां होगा आपके सपनों का आश‍ियाना?

मघा नक्षत्र के स्वामी केतु हैं। मघा नक्षत्र मे जन्म लेने वाले जातक, सामाजिक व्यवहार में अच्छे देखे जाते हैं। ये लोग सहनशील, श्रेष्ठ बुद्धि वाले, स्पष्टवादी और धार्मिक कार्यों में रुचि रखने वाले होते हैं। इन लोगों के पास अच्छी धन- संपत्ति होती है। मघा नक्षत्र का संबंध बरगद के पेड़ से बताया गया है। मघा मे जन्मे लोगों को बरगद के पेड़ को कभी भी किसी भी तरह की क्षति नहीं पहुंचानी चाहिए।

आज रात 9 बजकर 56 मिनट से लेकर कल की सुबह 8 बजकर 57 मिनट तक पृथ्वी लोक की भद्रा रहेगी। अशुभ भद्रा के दौरान विवाह संस्कार, मुण्डन संस्कार, गृह-प्रवेश, यज्ञोपवित, नया

बिजनेस आरंभ, किसी शुभ कार्य के लिये यात्रा, आदि नहीं करने चाहिए लेकिन कुछ ऐसे कार्य भी हैं, जो कि भद्रा के दौरान करने से विशेष सफलता प्राप्त होती है। किसी पर मुकदमा करने के लिये, शत्रु पक्ष से मुकाबले के लिये, राजनीतिक कार्य़ के लिये, सीमा पर युद्ध के लिये, ऑप्रेशन के लिये, अग्नि से संबंधित कार्य, किसी भी तरह के वाद-विवाद के लिये, शस्त्र आदि के प्रयोग के लिये, पशु संबंधी कार्यों के लिये, वाहन खरीदने के लिये, दाम्पत्य संबंधों की ऊष्मा को बनाये रखने के लिये और तंत्र-मंत्र के प्रयोग के लिये भद्रा बड़ी ही प्रशस्त मानी जाती है। 

केतु के मघा नक्षत्र, व्याघात योग और भद्रा के संयोग में किये जाने वाले उपायों की, आज इस संयोग मे शत्रु नाश के कौन से उपाय करके आप जीवन मे सफलता पा सकते हैं। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से इन उपायों के बारे में। 

अगर आप व्यापार में किसी भी तरह की परेशानी चल रही है बिजनेस राइवल्स ने आपको इस तरह घेर रखा है कि आपको अपने मेहनत के अनुरूप मुनाफा नहीं हो पा रहा है। तो, आज मघा नक्षत्र के दौरान मघा नक्षत्र के स्वामी ग्रह केतु के इस मंत्र का एक माला, यानी 108 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है 

‘ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नम:’
आज के दिन इस मंत्र का 108 बार जप करने से आपको शत्रुओं के षड्यंत्रों से और उनके फलस्वरूप आपके व्यापार में चल रही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा और आपको आपकी मेहनत के अनुरूप मुनाफा मिलना शुरू हो जायेगा।  

अगर आपका सबसे बड़ा शत्रु अभाव यानि कमी है जिसके फलस्वरूप आपके घर में हमेशा किसी न किसी चीज़ का अभाव बना रहता है और आप उससे छुटकारा पाना चाहते है, तो आज के दिन अपने घर के मंदिर में तिल के तेल का एक दीपक जलाएं और उत्तर पश्चिम दिशा की मुह करके दस मिनट तक आँख बंद करके बैठिए और अपने ध्यान मे सोचिए कि आपके घर मे हर चीज दो गुनी हो गई है। ये ध्यान आपको आज से शुरू करके इक्कीस दिन तक रोज करना है। धीरे धीरे आप पाएंगे कि वास्तव मे आपके घर मे हर चीज दो गुनी हो गई है। आज के दिन ऐसा शुरू करने से आपके घर में कभी किसी चीज का अभाव नहीं रहेगा। 

यह भी पढ़े: शरीर पर 1 हजार आंखें, वजह ऐसी देवता भी हो गए लज्जित

अगर आपकी जन्मकुंडली में केतु अकारक है या मारक है या आपको डिप्रेशन लगातार रहता है तो उस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आज के दिन मघा नक्षत्र में आपको केतु यंत्र की स्थापना करनी चाहिए। आज के दिन केतु यंत्र की स्थापना करके, उसकी उचित विधि से 21 दिनों तक पूजा करनी चाहिए और पूजा के बाद उसे जल मे विसर्जित कर देना चाहिए। आज के दिन ऐसा करने से केतु के अकारक या मारक प्रभाव मे कमी आएगी और अगर आपको डिप्रेशन है तो उससे आपको मुक्ति मिलेगी।
 
अगर आप दूसरों पर अपना प्रभाव बनाये रखना चाहते हैं तो आज के दिन आपको बरगद के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाना चाहिए और जल चढ़ाने से पेड़ के पास जो मिट्टी गिली हो, उसे अपने माथे पर लगाना चाहिए। अगर आज के दिन ऐसा करना संभव न हो तो आप सिर्फ बरगद के पेड़ की तस्वीर देखकर प्रणाम कर सकते है। आज के दिन ऐसा करने से दूसरों पर आपका प्रभाव बना रहेगा। 

अगर आप अपने कार्य में सफलता पाने के लिये किसी व्यक्ति विशेष का सहयोग पाना चाहते हैं तो आज के दिन उस व्यक्ति का नाम लेकर श्री गणेश भगवान को हल्दी का टीका लगाएं। साथ ही उनके इस मंत्र का 64 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है 
‘गं गणपतये नमः’
आज के दिन भगवान श्री गणेश के इस मंत्र का 64 बार जप करके सहरे गणेश को हल्दी का टीका लगाने से आपको अपने कार्य में उस व्यक्ति विशेष के सहयोग से सफलता जरूर मिलेगी। 

यह भी पढ़े: की रेखाओं से जानें कैसा और कहां होगा आपके सपनों का आश‍ियाना?

अगर आपका शत्रु आपकी व्यग्रता है, आपका मन बहुत अधिक चंचल है और आप अपने कार्यों में भी जल्दबाजी करते हैं या काम पर फोकस नहीं कर पाते, तो आज के दिन किसी मंदिर या धार्मिक स्थल पर सफेद रंग वस्त्र दान करने का संकल्प लें और जब कोरोना की स्थिति पूरी तरह ठीक हो जाये तब किसी मंदिर या धार्मिक स्थल पर सफ़ेद वस्त्र दान कर दें। ऐसा करने से आपका मन अपने कार्यों के प्रति धीरे-धीरे करके गंभीर और एकाग्र होने लगेगा। 

अगर आप किसी से प्यार करते हैं और उसे अपना जीवनसाथी बनाना चाहते हैं, लेकिन ज़माना आपके प्यार का दुश्मन है तो आज के दिन गणेश जी को वस्त्र और दूर्वा अर्पित करना चाहिए। साथ ही भगवान के सामने हाथ जोड़कर विनती करें। आज के दिन ऐसा करनेसे आपको अपना मनपसंद जीवनसाथी जरूर मिलेगा। 

अगर आपको जीवन में मनचाहा सुख नहीं मिल पा रहा है तो आज के दिन आपको गणेश जी को केसर अर्पित करना चाहिए। साथ ही मस्तक पर केसर का तिलक लगाना चाहिए और तिलक लगाने की ये प्रक्रिया अगले 43 दिनों तक जारी रखनी चाहिए। ऐसा करने से आपको जीवन में मनचाहे सुख की प्राप्ति होगी। 

अगर आपका शत्रु है बिखराव, आपके लोग एकजुट होकर काम नहीं करते। आपके प्रिय लोग भी आपका साथ नहीं देते, आपकी टीम सही ढंग से कार आमद नहीं हो पाती है जबकि आप अपनी टीम को इन्टैक्ट रखना चाहते हैं सब लोगों का साथ पाना चाहते हैं, तो आज के दिन सोते समय अपने सिरहाने के पास किसी बर्तन में जल भरकर रखें और अगली सुबह उस जल को बरगद के पेड़ की जड़ में डाल दें। अगर आपके लिए ऐसा संभव नहीं हो तो मन में बरगद के पेड़ का ध्यान करके घर के बाहर ही जल अर्पित कर दें। आज के
दिन ऐसा करने से आपको सब लोगों का साथ मिलता रहेगा और आपकी टीम इन्टैक्ट बनी रहेगी।