Mangalwar Upay: मंगलवार को इन उपायों को करने से व्यापार में चल रही मंदी हो सकती है दूर, जानिए

7 जून को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और मंगलवार का दिन है। सप्तमी तिथि आज सुबह 7 बजकर 56 मिनट तक रहेगी, उसके बाद अष्टमी तिथि लग जायेगी। पूरा दिन पार कर के अगली भोर 4 बजकर 26 मिनट तक व्रज योग रहेगा। वज्र का अर्थ होता है कठोर। इस योग में वाहन आदि नहीं खरीदे जाते हैं अन्यथा उससे हानि या दुर्घटना हो सकती है। इस योग में सोना खरीदने पर चोरी हो जाता है और यदि कपड़ा खरीदा जाए तो वह जल्द ही फट जाता है या खराब निकलता है।

हिंदू धर्म में मंगलवार के दिन विशेष रूप से हनुमान जी को पूजा जाता है। मान्यता है कि इस दिन कुछ खास उपाय करना काफी लाभदायक होता है। ऐसे में आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं कौन-से खास उपाय करके आप अपने कार्यों में सफलता पा सकते हैं और व्यापार में चल रही मंदी को दूर कर सकते हैं।

अगर आप अपने जीवन में हर काम की बेहतरी के लिये और शुभ फल सुनिश्चित करने के लिये इस दिन आपको ढाक या पलाश के वृक्ष की उपासना करनी चाहिए। अगर आस-पास कहीं वृक्ष उपलब्ध हो तो उसकी जड़ में जल भी डालना चाहिए। साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आप आज के दिन ढाक या पलाश के वृक्ष को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचाएं और उससे संबंधित चीज़ों का उपयोग करने से बचें। इससे आपको शुभ फल मिलेंगे, लेकिन अगर आपको आस-पास कहीं ढाक या पलाश का वृक्ष न मिले तो आप वृक्ष की फोटो डाउनलोड करके उसको अपने पास संजोकर रखें और प्रणाम करें। ऐसा करने से आपको हर काम बेहतर ढंग से पूरा होगा।
अगर आपके घर में पैसों का आवागमन कुछ समय से कम हो गया है, तो अपने घर-परिवार में पैसों का आवागमनफिर से बढ़ाने के लिये इस दिन माता महालक्ष्मी की उपासना करें और उनके मंत्र का जाप करें। माता महालक्ष्मी का मंत्र इस प्रकार है- ” ॐ श्रीं ह्रीं श्रींकमलेकमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यैनमः” इस मंत्र का जाप करने से माता की कृपा से आपके घर में फिर से पैसों का आवागमन होने लगेगा, लेकिन अगर आपको यह मंत्र बोलने में दिक्कत आये तो आप केवल “श्रीं ह्रीं श्रीं’ मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। क्योंकि लक्ष्मी का एकाक्षरी मंत्र तो “श्रीं” ही है। इसके अलावा एक बात और बता दूं कि महालक्ष्मी के मंत्र के जप के लिये स्फटिक की माला को सर्वोत्तम कहा गया है। कमगट्टे की माला को भी उत्तम बताया गया है, लेकिन ये दोनों न होने पर आप रूद्राक्ष की माला पर भी जप कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके घर में पैसों का आवागमन होगा।
अगर आपके व्यापार में मंदी चल रही है और आप अपने काम को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं तो इस दिन एक मिट्टी का बर्तन लें और उसमें शहद भरकर, उस पर ढक्कन लगाकर घर के उत्तर-पश्चिम कोने में रख दें और आज पूरा दिन रख दें। अगले दिन उस शहद से भरे मिट्टी के बर्तन को मन ही मन अपने व्यापार की बढ़ोतरी के लिये प्रार्थना करते हुए किसी एकांत स्थान पर छोड़ दें। ये उपाय करने से आपके व्यापार में चल रही मंदी दूर होगी और आपके काम धीरे-धीरे करके बनने लगेंगे।
अगर आप धन-धान्य और भौतिक सुखों की बढ़ोतरी चहाते हैं तो इस दिन एक पलाश का फूल और साथ ही एक एकाक्षी नारियल लें। अगर आपको पलाश का ताजा फूल न मिले तो आप पंसारी के यहां से सूखा हुआ पलाश का फूल भी ला सकते हैं। वो आपको आसानी से मिल जायेगा। अब उस पलाश के फूल और एकाक्षी नारियल को एक सफेद रंग के कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में या आप घर में जिस स्थान पर धन रखते हैं, वहां पर रख दें। ऐसा करने से आपको धन-धान्य और सुख-साधनों की प्राप्ति होगी।
अगर आपके परिवार के सदस्यों के बीच आपसी मतभेद होते रहते हैं, जिससे घर का माहौल भी अशांत रहता है, तो इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में एक मिट्टी का दिया लें और उसमें चार कपूर की टिकियां रखकर जलाएं। अब उस दिये से पूरे घर में धूप दिखाएं और बाद में उसे अपने घर के मन्दिर में रख दें, बुझाएं नहीं। ये उपाय करने से आपके परिवार के सदस्यों के बीच आपसी मतभेद समाप्त होंगे और आपके घर में शांति का माहौल बनने लगेगा।
अगर आपके जीवनसाथी का ध्यान अब आपके ऊपर ज्यादा नहीं रहता और रिश्तों में प्यार पहले की अपेक्षा कम हो गया है, तो इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में शाम को दिन ढलने के बाद शुक्राचार्य के इस मंत्र का11 बार जाप करें। मंत्र है- ‘ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम: इस मंत्र का जाप करने से आपके जीवनसाथी का ध्यान आपकी तरफ आकर्षित होगा और रिश्तों में पहले जैसा प्यार कायम होगा।
अगर आप राजनीतिक या सामाजिक क्षेत्र में अपनी पैंठ जमाना चाहते हैं तो इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में एक खाली मटका लें, लेकिन ध्यान रहे कि मटके पर ढक्कन लगा होना चाहिए। अब ढक्कन गिर न जाये, इसके लिये किसी कपड़े या धागे की सहायता से उस ढक्कन को मटके से अच्छे से बांध दें और मन ही मन अपने ईष्ट देव का ध्यान करते हुए, उस मटके को बहते जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा करने से आप राजनीतिक या सामाजिक क्षेत्र में अपनी पैंठ जमाने में कामयाब होंगे।
अगर आप जीवन में खुशियों का संचार बढ़ाना चाहते हैं, जिससे पारिवारिक रिश्तों में भी प्यार बना रहे, तो इसके लिये इस दिन केतु के मूल मंत्र का जाप करें। मंत्र इस प्रकार है- ‘ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नम:’ इस मंत्र का 21 बार जाप करने से आपके जीवन में खुशियों का संचार बढ़ेगा और आपके पारिवारिक रिश्तों में प्यार बना रहेगा।
अगर आपकी तबीयत कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रही है, तो अपनी तबीयत में सुधार के लिये या अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिये इस दिन ज्वार के आटे की रोटी बनाकर गाय को खिलाएं और पैर छूकर आशीर्वाद लें। लेकिन अगर आप ज्वार के आटे की रोटी न बना पाएं तो ज्वार का आटा या साबुत ज्वार के दाने किसी मन्दिर में दान कर दें। ऐसा करने से आपकी तबीयत में धीरे-धीरे करके सुधार आने लगेगा और आपको अच्छा महसूस होगा।
अगर आप अपने दाम्पत्य जीवन को खुशहाल बनाये रखना चाहते हो और उसमें प्यार की कोई गुंजाइश न हीं रखना चाहते हो, तो इस दिन कोई दो अच्छी-सी खुशबू वाले इत्र की शीशी खरीदें और उसमें से एक शीशी को किसी मन्दिर में दान कर दें और दूसरी शीशी को अपने जीवनसाथी को गिफ्ट कर दें। ऐसा करने से आपका दाम्पत्य जीवन खुशहाल रहेगा और आपके रिश्ते में प्यार ही प्यार होगा।
अगर आप अपने सुख-सौभाग्य की वृद्धि चहाते हैं तो आज गाय का शुद्ध देसी घी और एक कपूर की डिब्बी मन्दिर में दान करें। साथ ही मन्दिर जाकर उस कपूर की डिब्बी में से एक कपूर की टिकिया निकालकर अपने हाथों से जलाएं और भगवान की आरती करें। बाकी मन्दिर में ही रखी रहने दें। ऐसा करने से आपके सुख-सौभाग्य में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।

स्रोतwww.indiatv.in
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