Jammu Drone Blast: जम्मू ड्रोन ब्लास्ट का क्‍या है इराक-सीरिया ल‍िंक? NIA करेगी हमले की जांच

जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर बीते रविवार को हुए विस्फोट मामले की जांच अब एनआईए करेगी. केंद्रीय गृहमंत्रालय ने सोमवार को यह जांच NIA को सौंपने का फैसला लिया है. अब तक हुई जांच में पाया गया है कि विस्फोट में आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया है. इस हमले में दो लोग घायल हो गए थे. कहा जा रहा है कि विस्फोट के चलते कोई बड़ा नुकसान तो नहीं हुआ है, लेकिन यह इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ी हानि पहुंचा सकता था.

NIA सूत्रों ने जानकारी दी है कि इस घटना में क्वाड काप्टर्स ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है. इससे पहले इनका इस्तेमाल इराक और सीरिया में सुरक्षाबलों पर हमले के लिए किया जाता था. जम्मू में घटनास्थल से इकट्ठा किए गए नमूनों को जांच के लिए दिल्ली लाया गया है. NIA इस दौरान हमला करने वालों आतंकियों का जैश-लश्कर समेत द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) कनेक्शन भी खंगालेगी. इस घटना के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ हो सकता है. जानकारी मिली है कि इस संगठन को किसी अन्य संस्था से भी समर्थन मिलने की संभवना है. रविवार को ये धमाके सुबह 1:40 पर 6 मिनट के अंतर से हुए.

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जांचकर्ता इस संभावना की तलाश कर रहे थे कि ड्रोन जम्मू के आसपास के इलाकों से लॉन्च किए गए थे. फिलहाल भारतीय वायुसेना सावधानी बरत रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा ना हों. साथ ही सभी स्टेशन्स पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. रविवार सुबह हुए दो धमाकों में एक ने छत को थोड़ा नुकसान पहुंचाया था. जबकि, दूसरा खुले इलाके में गिरा था.

सूत्रों ने जानकारी दी कि विस्फोट में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था. उन्होंने बताया कि सैंपल आगे टेस्ट के लिए भेजे गए हैं और हर IED डिवाइस में करीब 1.5 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ है. जम्मू और कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक सदस्य 6 किग्रा IED के साथ गिरफ्तार हुआ है. उन्होंने कहा है कि ड्रोन हमले की जांच के दौरान हुई इस गिरफ्तार से ही एक और बड़ा हमला टल गया है.

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UN में उठा ड्रोन का मुद्दा

भारत ने आतंकियों की तरफ से इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र में उठाया. गृह मंत्रालय के विशेष सचिव वीएस के कौमुदी ने UN में कहा हथियारों की तस्करी, इंटेलीजेंस कलेक्शन, और टारगेट पर हमले के लिए आतंकियों द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल पूरी दुनिया के लिए खतरा है. उन्होंने कहा कि आतंकी हमले के लिए ड्रोन का हथियार की तरह इस्तेमाल पर सभी देशों को ध्यान देने की ज़रूरत है. साथ ही सचिव ने कहा कि सीमा पार से हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन के इस्तेमाल होता है. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतhindi.news18.com
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