खुले मां विंध्यवासिनी मंदिर के कपाट पूरे 100 दिन बाद, इस तरह से कर सकते हैं माता के दर्शन

Vindyavasni Mandir, सौ दिन से बंद मां विंध्यवासिनी मंदिर के कपाट रविवार को तीर्थ पुरोहितों के पूजन के बाद भी खुल गए। सोमवार से आम दर्शनार्थियों के लिए मंदिर का गर्भगृह खुलने के साथ दर्शन प्रारंभ हो जाएगा। विंध्य पंडा समाज से जुड़े नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने बताया रविवार को मंदिर का कपाट खुलने से पहले शनिवार से अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया था। कीर्तन पूर्ण होने पर पूजन के बाद रविवार को विंध्य क्षेत्रवासियों के लिए मां विंध्यवासिनी का कपाट खोल दिया।

एक साथ दर्शन कर सकेंगे इतने दर्शनार्थी

सोमवार को सुबह मंगला आरती के बाद आम भक्तों के लिए मां का कपाट खुल जाएगा। मंदिर प्रांगण में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करने के साथ गर्भगृह में 5 श्रद्धालु से ज्यादा प्रवेश नहीं कर पाएंगे इसके साथ ही मां विंध्यवासिनी का चरण स्पर्श पूर्ण रूप से आम एवं वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा इसके साथ ही गर्भ गृह में सिर्फ दो पुरोहित गेट नंबर 1 एवं गेट नंबर 2 के पास बैठेंगे वहीं जिन पुरोहितों के श्रद्धालु दर्शन के लिए आएंगे वह प्रवेश द्वार से सिर्फ एक पुरोहित गर्भ गृह में जाएंगे। मंदिर परिसर में सरकार द्वारा गाइडलाइन का पालन किया जाएगा।

भक्‍तों को रखना होगा इसका ध्‍यान–

– मंद‍िर मंदिर में बिना मास्क लगाए कोई भक्त दर्शन नहीं कर पाएगा।

– 65 वर्ष से ऊपर एवं 10 वर्ष से छोटे बच्चे मंदिर पर प्रवेश नहीं कर पाएंगे।

– मां विंध्यवासिनी मंदिर पर मुंडन संस्कार पूर्ण रूप से प्रतिबंधित।

– जनेऊ कराने वाले भक्त मां विंध्यवासिनी मंदिर के छत पर करा पाएंगे कार्यक्रम।