Chamoli Disaster: घंटों तक लोहे की सरियों पर लटके रहे, टनल से रेस्क्यू गए लोगों के शरीर में दर्द

चमोली के तपोवन में बड़ी टनल में फंसे हुए 35-40 लोगों की जिंदगी बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। आपदा के बाद छोटी टनल से रेस्क्यू किए गए लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं। उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज जोशीमठ में आईटीबीपी के अस्पताल में उनसे अस्पताल में मुलाकात की। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 7 फरवरी को जिन 12 लोगों को टनल में से बचाया गया था, उन्होंने शरीर में दर्द की शिकायत की है क्योंकि वो पानी और मलबे से बचने के लिए 3 से 4 घंटे तक लोहे की छड़ों पर लटके रहे। डॉक्टरों का कहना है कि ये दर्द धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा।

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बड़ी टनल में चल रहे ऑपरेशन को लेकर उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि रणनीति बनी है कि वहां दो मशीनों से काम लिया जा सकता है ताकि जल्दी लोगों को रेस्क्यू किया जा सके। टनल के अंदर 30-35 लोगों के फंसे होने की संभावना है, उन तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज चमोली ज़िले में ग्लेशियर टूटने से प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे भी किया। रावत ने मीडिया को बताया कि वो आज उन 360 परिवारों से संपर्क करने जा रहे हैं, जो पुल के ढहने से ज़िले से कट गए हैं।

अबतक 26 शव बरामद

ITBP की DIG अपर्णा कुमार ने बताया कि रातभर तपोवन टनल में आर्मी, ITBP, SDRF और NDRF की टीम मलबा निकालने में लगी हुई थी। ज़्यादा से ज़्यादा मलबा निकालने की पूरी कोशिश की जा रही है। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि टनल में ​थोड़ा और आगे बढ़े हैं, अभी टनल खुली नहीं है। हमें उम्मीद है कि दोपहर तक टनल खुल जाएगी। कुल 26 शव बरामद हुए हैं। आपको बता दें कि राहत और बचाव कार्य को गति देने के लिए भारतीय वायुसेना के स्पेशल हेलीकॉप्टर में गाज़ियाबाद से NDRF की एक अतिरिक्त टीम जोशीमठ पहुंची है। अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

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