किसानों के साथ 5वें दौर की वार्ता जारी, विज्ञान भवन में कृषिमंत्री कर रहे हैं किसान नेताओं से बातचीत

सरकार आज एक बार फिर किसानों को मनाने की कोशिश कर रही है। सरकार और किसान नेताओं के बीच पांचवें दौर की वार्ता हो रही है। बैठक में शामिल होने के लिए किसान नेता बसों में बैठकर सिंघु बॉर्डर से विज्ञान भवन पहुंचे हैं। वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल भी विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं। इस बैठक से पहले प्रधानमंत्री आवास पर भी बैठक हुई। इसके बाद संकेत मिल रहे हैं कि किसानों को मनाने के लिए सरकार आज कई बड़े कदमों की घोषणा कर सकती है। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर किसान पिछले 10 दिनों से डटे हुए हैं। सरकार और किसानों के बीच अभी तक 4 बार बैठक हो चुकी हैं। सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसानों का आंदोलन लगातार जोर पकड़ता जा रहा है। आइए जानिए चेहरे के अनचाहे तिलों को गायब करने के कारगर टिप्स.

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आज होने वाली वार्ता में सरकार की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर शामिल होंगे। उनके साथ खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य-उद्योग राज्यमंत्री सोमप्रकाश भी होंगे। माना जा रहा कि इस बैठक में कोई फैसला हो सकता है। 3 दिसंबर को हुई पिछली बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों की कई मांगों पर विचार का भरोसा दिया है।

वहीं हरियाणा में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के गृह मंत्री अनिल विज से मुलाकात की और विरोध करने पर किसानों के खिलाफ मामले वापस लेने की मांग की। हरियाणा में आंदोलित किसानों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला ने कहा कि गृह मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि वह इस मामले को देखेंगे और मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।

8 दिसंबर को हड़ताल

किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने की घोषणा की है। साथ ही 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वे राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने वाली और सड़कें बंद कर देंगे। भारतीय किसान यूनियन के महासचिव हरिंदर सिंह लखवाल ने कहा कि हमने आठ दिसम्बर को भारत बंद का का फैसला किया है और इस दौरान हम सभी टोल प्लाजा पर कब्जा भी कर लेंगे। उन्होंने कहा कि किसान शनिवार को केन्द्र सरकार और कॉरपोरेट घरानों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और उनके पुतले फूकेंगे। सात दिसम्बर को खिलाड़ी किसानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए अपने पदक लौटाएंगे।

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सरकार ने दिया है आश्‍वासन

गुरुवार को तोमर ने किसान संगठनों के 40 किसान नेताओं के समूह को आश्वासन दिया था कि सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने का हरसंभव प्रयास करेगी। इसके तहत मंडियों को मजबूत बनाने, प्रस्तावित निजी बाजारों के साथ समान परिवेश सृजित करने और विवाद समाधान के लिये किसानों को ऊंची अदालतों में जाने की आजादी दिए जाने जैसे मुद्दों पर विचार करने को तैयार है। उन्होंने यह भी कहा था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद व्यवस्था जारी रहेगी। लेकिन दूसरे पक्ष ने कानूनों में कई खामियों को गिनाते हुए कहा कि इन कानूनों को सितंबर में जल्दबाजी में पारित किया गया। अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

स्रोतwww.indiatv.in
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