कोरोना वायरस: घर पर अपने बच्चों से कैसे आना है पेश, जानें WHO से 6 खास पेरेंटिंग टिप्स

कोरोना वायरस के कारण हर कोई सेल्फ आइसोलेशन में है। जिसके कारण पूरी दुनिया में फैमिली लाइफ को बढ़ावा मिल रहा है। देश के स्कूल-कॉलेज आदि बंद है। पैरेंट्स वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। जिससे कारण उन्हें घर से बाहर भी नहीं जाना पड़ रहा है। दुनियाभर के पैरेंट्स इस समय अपने बच्चों के साथ वक्त बीता रहे हैं। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने  माता-पिता के लिए 6 टिप्स ‘ Six One-Page Tips For Parents’ बताया है। जिसमें स्ट्रेस मैनेजमेंट और कोरोना वायरस की महामारी के बारे में भी बताया गया है। जानें इन 6 पेरेटिंग टिप्स के बारे में।

Parenting in the time of COVID-19

क्वालिटी टाइम बिताएं

स्कूल-कॉलेज बंद हो जाने के कारण पैरेंट्स अपने बच्चों और टीएजर्स के साथ अच्छे से टाइम बीता सकते हैं। उन्हें खूब प्यार दें और उन्हें बताएं कि वह उनके लिए कितने जरूरी है।  बच्चों के साथ 20 मिनट या इसे अधिक समय बिताएं। 

छोटे बच्चे के साथ का समय
अपने बच्चों के  चेहरे की अभिव्यक्ति और ध्वनियों की प्रतिलिपि बनाएं। गाने गाएं, बर्तन और चम्मच के साथ संगीत बनाएं। ढेर कप या ब्लॉक बनाएं। उन्हें कहानी सुनाए, किताबे पढ़ने को दें या फिर तस्वीरें दिखाएं। 

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किशोर बच्चों के टिप्स
उनकी पसंद की चीज़ों को लेकर बात करें जैसे कि  खेल,संगीत, मशहूर हस्तियां, दोस्त आदि।
घर में बच्चे के साथ टहलें।
पसंदीदा गाने के साथ दोनों लोग साथ में एक्सरसाइज करें। 

युवा बच्चों के साथ
एक किताब पढ़ें या चित्रों को देखें। गाने में डांस करें या कोई गाना गाएं। घर में सफाई और क्लीनिंग वाला गेम साथ में खेलें। उसके स्कूल के वर्क में मदद करें। 

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सकारात्मकता बनाएं रखें
अपने बच्चों से सकारात्मक तरीके से बात करें जैसे प्लीज कपड़ों को रख दें। अपने बच्चें पर चिल्लाने या फिर गुस्सा करने से बचें। इससे आप दोनों के बीच दूरियां बढ़ सकती हैं। इसलिए हमेशा प्यार से बात करें। किसी चीज के लिए अपने बच्चे या किशोर की प्रशंसा करने की कोशिश करें उन्होंने अच्छा किया है। वे इसे नहीं दिखा सकते हैं, लेकिन आप उन्हें फिर से अच्छा काम करते हुए देखेंगे। यह उन्हें भी आश्वस्त करें कि आप नोटिस और देखभाल करते हैं। क्या आपका बच्चा वास्तव में वही कर सकता है जो आप पूछ रहे हैं उन्हें? एक बच्चे के लिए चुप रहना बहुत कठिन है। एक पूरे दिन के लिए अंदर लेकिन शायद वे रख सकते हैं। 15 मिनट तक शांत रह सकते है जब आप कॉल पर हों।

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चीजों में एक संरचना रखें 
कुछ फेक्सिबल लेकिन रोजाना करें। आपके और आपके बच्चों के लिए एक प्रोग्राम बनाएं। यह बच्चों को अधिक सुरक्षित और बेहतर व्यवहार करने में मदद कर सकता है। बच्चों या किशोरों के लिए दिनचर्या की योजना बनाने में मदद कर सकते हैं जैसे स्कूल टाइम टेबल बनाना। एक्सरसाइज करने में उसकी मदद करें। इस के लिए चाहे तो आप ऑनलाइन मदद ले सकते हैं। 

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बुरे व्यवहार से निपटने के लिए
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे 3 भागों में बांटा हैं। सबसे पहले अगर आपको अपने बच्चे का कोई काम या व्यवहार गलत लगता है तो उसे बोलने से पहले 10 सेकंड रूके। 5 बार धीरे-धीरे सांस लें फिर शांत तरीके से उनको जवाब दें।  इस बारे में डब्लूएचओ का कहना है कि अपने बच्चे को सजा देने से पहले अपने निर्देशों का पालन करने का विकल्प दें। सजा समाप्त होने के बाद, अपने बच्चे को कुछ अच्छा करने का मौका दें और इसके लिए उनकी प्रशंसा करें।

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स्ट्रेस मैनेजमेंट
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्ट्रेस मनैजमेंट पर काफी अच्छा टिप्स दिया है। बच्चों के साथ तो वक्त बिताएं ही लेकिन अपने लिए भी थोड़ा वक्त निकालें।  भले ही यह चाय, व्यायाम के बहाने ही क्यों न हो। हमेशा खुलकर रहें और अपने बच्चों की बात सुनें। इससे वह हमेशा आपके समर्थन में रहेंगे। इसलिए वो आपकी हर बात सुनेंगे और इससे आप बिना टेंशन लिए आसानी से उनकी समस्या का हल निकाल सकते हैं। 

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कोरोना वायरस को लेकर करें बात
डब्लूएचओन ने आखिरी टिप्स में कोरोना वायरस को लेकर बात कहीं। उन्होंने कहा कि कई सारी खबरों सुनने या देखने के कारण कोरोना वायरस को लेकर बच्चों के अंदर डर महसूस हो सकता है। इसलिए अपने बच्चों से खुलकर बात करें। इससे साथ ही उन्हें बताएं कि संक्रमण से बचने के लिए क्या-क्या उपाय करना होगा।