दुनिया की सबसे वजनी गीता, 4 लोग मिलकर पलटते हैं पन्ने, मोदी करेंगे विमोचन

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हमारे शास्त्रों में गीता की महिमा का वर्णन किया गया है। शास्त्र कहते हैं कि गीता में मनुष्य के जीवन का सार निहित है। महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्‍ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिए थे वह भगवद्गीता है। जिसे पढ़कर लोग अपने पापों का अंत करते हैं, जिससे मोक्ष की प्राप्ति होती है। हर कोई गीता का पाठ करता है और भगवान के कहे मार्ग पर चलने की कोशिश करता है। हिंदू धर्म के हर घर में ज्यादातर भगवद्गीता देखने को मिल जाएगी। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया की सबसे वजनी भगवद्गीता के बारे में। बताया जाता है उसके हर पन्ने को चार लोग मिलकर पलटते हैं। जिसका विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में….

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पीएम मोदी करेंगे भगवद्गीता का विमोचन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में गीता जयंती के मौके पर 26 फरवरी को दुनिया की सबसे बड़ी और वजनी भगवद्गीता का विमोचन करने वाले हैं। इस गीता में 670 पृष्ठ हैं और उसका वजन 800 किलोग्राम है। इस्कॉन के अनुसार इसे “एस्टाउंडिंग भगवद् गीता” कहा जा रहा है।

400 से अधिक मंदिरों का है एक विश्वव्यापी परिसंघ
इस गीता का आकार 2.8 मीटर गुणा 2 मीटर है। इसे दुनिया की सबसे बड़ी पवित्र पुस्तक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इंटरनैशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) 400 से अधिक मंदिरों का एक विश्वव्यापी परिसंघ है जो 100 शाकाहारी रेस्त्रां और कई प्रकार की सामुदायिक सेवा परियोजनाएं चलाता है।

इटली के इस शहर में बनाई गई है गीता
दुनिया की सबसे बड़ी भगवद्गीता के बारे में बताया जाता है कि यह इटली के मिलान शहर में बनी है। इटली से भारत इसको समुद्र के रास्ते लाया गया है। बता दें कि इस गीता के उपदेश संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं और इसको बनाने में 2.5 साल का लंबा वक्त लगा है।

इस मंदिर में किया जाएगा स्थापित
इस्कॉन मंदिर के अहमदाबाद प्रमुख जशोमतिनंदन दास ने बताया कि दुनिया की सबसे वजनी भगवद्गीता को बनाने में तकरीबन 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इटली से दिल्ली लाए गई इस गीता को फिलहाल दिल्ली इस्कॉन मंदिर में रखा जाएगा। बाद में इसे कुरुक्षेत्र में बन रहे श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर में स्थापित किया जाएगा।

इस कागज से किया गया है तैयार
भगवद्गीता की छपाई संस्था से जुड़े वेदांत बुक ट्रस्ट ने की है। इस सिंथेटिक मजबूत कागज से तैयार किया गया है। बताया जाता है कि इस गीता में सोना-चांदी समेत कई धातु लगाए गए हैं। साथ ही इसके कवर पेज को स्वर्णिम धातु से तैयार किया गया है।

Source: navbharattimes.indiatimes.com