Purnima 2022 List In Hindi: नए साल 2022 में कब-कब है पूर्णिमा व्रत? सबसे पहले देखें यहां

नया साल 2022 (New Year 2022) का प्रारंभ होने वाला है. इस साल 2021 की आखिरी पूर्णिमा (Last Purnima of year 2021) 18 दिसंबर को है, जो मार्गशीर्ष पूर्णिमा (Margashirsha Purnima) है. मार्गशीर्ष माह को अगहन भी कहते हैं, इसलिए यह अहगन पूर्णिमा (Aghan Purnima) भी है. मार्गशीर्ष पूर्णिमा के बाद अगली पूर्णिमा अंग्रेजी कैलेंडर के नए साल 2022 के जनवरी माह में आएगी. उस समय हिन्दी कैलेंडर का पौष माह का शुक्ल पक्ष होगा, उस पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा कहा जाता है. नए साल 2022 में मार्गशीर्ष पूर्णिमा 07 दिसंबर दिन मंगलवार को होगी. मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2021 को ध्यान में रखकर आपको नए साल 2022 के पूर्णिमा तिथि एवं व्रत के बारे में जानकारी दी जा रही है. यहां पर आप सबसे पहले 2022 के पूर्णिमा तिथियों को जान सकते हैं. आइए जानते हैं कि नए साल 2022 में पूर्णिमा कब-कब है और व्रत कब रखा जाएगा?

नए साल 2022 की पूर्णिमा व्रत तिथियां

17 जनवरी, दिन: सोमवार: पौष पूर्णिमा
16 फरवरी, दिन: बुधवार: माघ पूर्णिमा
17 मार्च, दिन: गुरुवार: फाल्गुन पूर्णिमा
16 अप्रैल, दिन: शनिवार: चैत्र पूर्णिमा
15 मई, दिन: रविवार: वैशाख पूर्णिमा
14 जून, दिन: मंगलवार: ज्येष्ठ पूर्णिमा
13 जुलाई, दिन: बुधवार: आषाढ़ पूर्णिमा
11 अगस्त, दिन: गुरुवार: श्रावण पूर्णिमा
10 सितंबर, दिन: शनिवार: भाद्रपद पूर्णिमा
09 अक्टूबर, दिन: रविवार: आश्विन पूर्णिमा
08 नवंबर, दिन: मंगलवार: कार्तिक पूर्णिमा
07 दिसंबर, दिन: बुधवार: मार्गशीर्ष पूर्णिमा

नए साल 2022 के प्रमुख पूर्णिमा व्रत

धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो सभी पू​र्णिमा तिथियां व्रत एवं स्नान-दान के लिए महत्वपूर्ण होती हैं. पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी, भगवान शिव, चंद्रमा और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है. चंद्र दोष को दूर करने के लिए भी ज्योतिष उपाय किए जाते हैं.

श्रावण पूर्णिमा 2022: साल में श्रावण पूर्णिमा का व्रत और दिन महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है. साल 2022 में श्रावण पूर्णिमा 11 अगस्त को है. इस दिन राखी का त्योहार मनाया जाएगा.

आश्विन पूर्णिमा 2022: आश्विन पूर्णिमा का धार्मिक महत्व ज्यादा है. आश्विन पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं. इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और आसमान से अमृत वर्षा होती है. इस वजह से रात के समय खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखते हैं. आश्विन पूर्णिमा को ही कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं, इस रात माता लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं. साल 2022 में आश्विन पूर्णिमा 09 अक्टूबर को है.

कार्तिक पूर्णिमा 2022: आश्विन पूर्णिमा का भी अलग ही महत्व है. आश्विन पूर्णिमा को देव दीपावली मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर राक्षस का वध कर देवताओं को उसके अत्याचार से मुक्त कराया था. इस वजह से सभी देवता काशी में गंगा तट पर देव दिवाली मनाने आते हैं. साल 2022 में कार्तिक पूर्णिमा 08 नवंबर को है. कार्तिक पूर्णिमा का स्नान भी अक्षय पुण्य को देने वाला होता है. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतindia.news18.com
पिछला लेखCryptocurrency prices today: क्रिप्टो बाजार में भूचाल- बिटकॉइन, एथेरियम, डॉगकॉइन और शीबा इनु में बड़ी गिरावट
अगला लेखOmicron Variant Cases: द‍िल्ली में ओम‍िक्रॉन के तेजी से बढ़ने लगे मामले, 10 नए मरीज आए सामने, आंकड़ा हुआ डबल