रामनवमी 2020: नवमी वाले दिन आप घर पर खुद से कर सकते हैं हवन, आइए जानते है विधि और सामग्री

विडंबना है कि इस बार सनातन धर्म का प्रमुख उत्‍सव ऐसे समय में पड़ा है जब पूरा देश कोरोना वायरस के दंश को झेल रहा है और इस वजह से लॉकडाउन है। ऐसे में जिन भक्‍तों ने नवरात्र के पूरे व्रत रखे हैं, उनके लिए नवमी पर हवन करना और कन्‍या पूजन करना अनिवार्य माना जाता है। अब सवाल यह है कि इस बार बंदी में पुरोहित को बुलाकर हवन कर पाना संभव नहीं है, तो आपको स्‍वयं ही हवन करना होगा। आपकी मुश्किल को हल करते हुए आज हम आपको बता रहे हैं घर पर खुद से कैसे करें हवन और क्‍या सामग्री लाएं…

यह भी पढ़े: मासिक व्रत त्‍योहार: अप्रैल में इस बार पड़ रहे हैं कई प्रमुख त्‍योहार, जानें तिथि और महत्‍व

हवन सामग्री
आम की लकड़ी और आम का पल्‍लव। पीपल का तना और छाल, बेल, नीम, पलाश गूलर की छाल, चंदन की लकड़ी, अश्‍वगंधा ब्रह्मी, मुलैठी की जड़, कर्पूर, तिल, चावल, लौंग, गाय का घी, गुग्‍गल, लोबार, इलाइची, शक्‍कर, नवग्रह की लकड़ी, पंचमेवा, सूखा नारियल और गोला और जौ। आपको यह सब सामान सामान्‍य किराने की दुकान पर मिल जाएगा। सरकार ने भी जरूरी सामान की दुकानों को खुला रखने की इजाजत दी है।

हवन से पहले कर लें यह तैयारी
हवन करने से पहले जिन-जिन लोगों को हवन में बैठना है वह स्‍नान करके स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें। शास्‍त्रों के अनुसार, पति और पत्‍नी यदि जोड़े से हवन करें तो उसका पूर्ण फल प्राप्‍त होता है। सभी वस्‍तुओं को शहद और घी के साथ मिलाकर हवन सामग्री बना लें।

हवन की विधि
कुछ लोग अष्‍टमी पर तो कुछ लोग नवमी पर हवन करते हैं। हवन करने के लिए आप सबसे पहले हवन कुंड को एक साफ स्‍थान पर स्‍थापित कर दें। इसके बाद आम की लकड़ी और कर्पूर से हवन कुंड में अग्नि को प्रज्‍जवलित करें। इसके बाद बाद घी से ‘ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डयै विच्चै नमः’ मंत्र से माता के नाम से आहुति दें फिर सभी देवी-देवताओं से नाम से 3 या 5 बार आहुति दें। इसके बाद संपूर्ण हवन सामग्री से 108 बार हवन करें।

यह भी पढ़े: क्वारंटाइन टिप्स: घर पर करें ये 3 योगासन और पाएं पीठ और घुटने के दर्द से निजात

माता को लगाएं भोग
हवन पूर्ण होने के बाद माताजी की कपूर और घी के दीपक से आरती करें। उसके बाद माता रानी को खीर, हलवा, पूड़ी और चने का भोग लगाएं। हवन पूर्ण होने के बाद कन्‍या भोज करवाया जाता है। लेकिन इस बार कन्‍या भोज करवा पाना संभव नहीं होगा, इसलिए आप चाहें तो अपने घर की कन्‍या को भी पूज सकते हैं और भोजन करवाकर दक्षिणा दे सकते हैं।

अगर आपके घर में कन्‍या न हो तो
अगर आपके घर में कन्‍या नहीं है तो घर के मंदिर में माता की पूजा करके उन्‍हें विभिन्‍न प्रकार के भोग लगाएं और माता को भेंट सामग्री अर्पित करें। आप चाहें तो कन्‍याओं के नाम से कुछ धनराशि निकालकर मंदिर में रख दें और फिर स्थिति सामान्‍य हो जाने के बाद 5 कन्‍याओं को इस धन राशि से कुछ उपहार लाकर दे सकते हैं।