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Russia-Ukraine War: रूसी स्पेस एजेंसी के चीफ बोले-हमारे पास भारत पर 500 टन स्पेस स्टेशन गिराने का भी है ऑप्शन

रूस ने यूक्रेन (Ukraine War) में जंग छेड़ दी है. दो दिन से रूसी सैनिक और उसके मिसाइल और एयरक्राफ्ट यूक्रेन में तबाही मचा रहे हैं. इन सबके बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन (US President Joe Biden ) ने रूस पर कड़े आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध लगा दिए हैं. बाइडन ने कहा कि कुछ प्रतिबंध रूस के स्पेस एजेंसी के ऑपरेशन को सीमित कर देंगे. जिसके बाद रूस की स्पेस एजेंसी रॉसकोमोस (Roscomos) के चीफ (Dimitry Rogozin) दिमित्रि रोगोजिन ने पलटवार किया है. रोगोज़िन ने चेतावनी दी कि अगर वॉशिंगटन ने सहयोग करना बंद किया, तो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISIS) को अनियंत्रित डोरबिट से कौन बचाएगा?

रूस के स्पेस एजेंसी रॉसकोमोस (Roscomos) के चीफ (Dimitry Rogozin) दिमित्रि रोगोजिन ने अमेरिका के फैसले के बाद ट्वीट किया. उन्होंने लिखा-‘अगर आप (बाइडन) हमारे साथ सहयोग को रोकते हैं, तो आईएसएस को अनियंत्रित रूप से परिक्रमा करने और संयुक्त राज्य या यूरोप में गिरने से कौन बचाएगा?’ रोगोजिन ने एक ट्वीट थ्रेड में धमकी भरे लहजे में कहा- ‘रूस के पास भारत और चीन के लिए 500 टन के ढांचे को छोड़ने का विकल्प भी है.’

रोसकोसमोस के डायरेक्टर जनरल दिमित्रि रोगोजिन ने कहा, ‘आईएसएस रूस के ऊपर से नहीं उड़ता है, इसलिए सभी जोखिम आपके हवाले हैं. क्या आप उनके लिए तैयार हैं?’

दिमित्रि रोगोजिन ने कहा, ‘अगर अमेरिका ने रूसी अंतरिक्ष कार्यक्रम से प्रतिबंध नहीं हटाए तो रूस के इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से रूस के हटने के लिए अमेरिका ही जिम्मेदार होगा. या तो हम साथ काम करें जिसके लिए अमेरिका को फौरन ही पाबंदियां हटानी होगी. या फिर हम साथ काम नहीं करेंगे और हम खुद का ही स्टेशन स्थापित करेंगे.’

जो बाइडन ने क्या कहा?

रूस पर प्रतिबंधों का ऐलान करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, ‘ हम अनुमान लगाते हैं कि हम रूस के उच्च-तकनीकी आयात को आधे से अधिक सीमित कर देंगे. इससे उनकी सेना का आधुनिकीकरण जारी रखने की उनकी क्षमता को झटका लगेगा. यह उनके अंतरिक्ष कार्यक्रम सहित उनके एयरोस्पेस उद्योग को भी प्रभावित करेगा.’

इन प्रतिबंधों के लिए कितना तैयार है रूस?

एक्सपर्ट बताते हैं कि रूसी संस्थाएं अब आठ साल पहले की तुलना में पाबंदियों का सामना करने के लिए बेहतर ढंग से तैयार हैं. दूसरी तरफ रूसी सरकारी बैंकों ने पश्चिमी बाजारों से खुद को थोड़ा दूर कर लिया है. रूस ने 2014 से ही अमेरिकी ट्रेजरी और डॉलर से दूरी बना ली है. रूस ने अपनी जमा पूंजी डॉलर से ज्यादा सोने और यूरो में इकट्ठा की है.
रूस के पास कुछ दूसरे मजबूत आर्थिक सुरक्षाएं भी हैं. इनमें तकरीबन 635 अरब डॉलर की ठोस विदेशी मुद्रा, लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तेल की कीमतें और GDP के साथ कर्ज का कम औसत जो 2021 में 18 फीसदी था. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

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