सेबी ने किशोर बियानी पर लगाया बैन, एक साल के लिए सिक्योरिटी बाजार से बाहर

भारतीय बाजार नियामक सेबी ने फ्यूचर ग्रुप के संस्थापक किशोर बियानी, उनके भाई अनिल बियानी और फ्यूचर कॉर्पोरेट रिसोर्स (एफसीआरएल) पर फ्यूचर रिटेल (एफआरएल) में इनसाइडर ट्रेडिंग मामले में एक साल का प्रतिबंध लगा दिया है. सेबी के इस आदेश में स्वीकृति से जुड़ी किसी डील का जिक्र नहीं है. इसका अर्थ है कि इस आदेश का असर फ्यूचर ग्रुप और रिलायंस रिटेल की डील पर नहीं पड़ने वाला है. प्रतिबंधित इकाइयां एक साल के बाजार में सिक्योरिटीज की खरीद-फरोख्त नहीं कर सकतीं.

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बुधवार शाम को जारी सेबी के आदेश में कहा गया कि इस आदेश का असर मौजूदा होल्डिंग पर नहीं होगा, जो पहले से ही कंपनी अधिनियम 2013 के सेक्शन 230-232 के अधीन हैं, एनसीएलटी द्वारा स्वीकृत हैं. फ्यूचर ग्रुप ने रिलायंस के साथ डील के लिए एनसीएलटी का रुख किया था. इस डील को सेबी और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. हालांकि, अमेजन ने इस बाबत कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसकी वजह से डील लंबित पड़ी है.

इस मामले पर फ्यूचर ग्रुप के प्रवक्ता ने कोई जवाब नहीं दिया. फ्यूचर ग्रुप सेबी के आदेश के खिलाफ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) जा सकता है. बियानी बंधु और एफसीआरएल दो साल तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से फ्यूचर रिटेल के शेयरों की खरीद-फरोख्त नहीं कर सकते.

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प्रत्येक पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही इन्हें 12 फीसदी ब्याज के साथ 17.78 करोड़ रुपये ‘त्यागने’ के लिए कहा गया है. सेबी ने यह फैसला 10 मार्च और 20 अप्रैल 2017 एफआरएल के दौरान शेयरों में लेनदेन पर इनसाइडर ट्रेडिंग पर सुनाया है।

सेबी ने कहा कि एफसीआरएल एफआरएल के प्रमोटर्स में शामिल हैं. किशोर बियानी एफआरएल के प्रमोटर हैं और वे एफसीआरएल के निदेशक भी हैं. अनिल बियानी एफआरएल के चेयरमैन और एमडी थे. इसी वजह से सभी की आपस में मिलीभगत रही. अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.

स्रोतeconomictimes.indiatimes.com
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