Sheetala Ashtami 2021: सुख-समृद्धि और रोगों से मुक्ति के लिए शीतला अष्टमी पर करें ये उपाय

प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री शीतलाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस बार शीतलाष्टमी 2 जुलाई, शुक्रवार को पड़ रही है। इस दिन माता शीतला के निमित्त व्रत कर उपासना करने का विधान है | इस दिन स्नान आदि के बाद विधि-पूर्वक देवी शीतला की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।

आज माता को बासी भोजन का भोग लगाने का विधान है । साथ ही इस दिन बासी भोजन करने की भी परंपरा है | बता दूं कि देवी मां का स्वरूप अत्यंत कल्याणकारी है। गर्दभ पर विराजमान, दिगम्बरा, हाथ में झाडू तथा कलश धारण किये हुए, सूप से अलंकृत मस्तक वाली माता शीतला अपने भक्तों की सारी परेशानियों को दूर करती हैं, उन्हें हर प्रकार के भय और बीमारी से बचाकर रखती हैं, साथ ही लंबी आयु का वरदान देती हैं । लिहाजा देवी मां की कृपा से आप सबकुछ पाने की क्षमता हासिल कर सकते हैं।

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आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार शीतलाष्टमी के दिन सुबह 10 बजकर 54 मिनट तक शोभन योग रहेगा। इस योग के दौरान शुरू की गई यात्रा मंगलमय और सुखद रहती है और मार्ग में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती है। साथ ही पूरा दिन पार कर कल सुबह 5 बजकर 16 मिनट तक अमृतसिद्धि योग रहेगा। जानिए संयोग में कौन से उपाय करना होगा शुभ।

अगर आपके जीवनसाथी को किसी प्रकार की परेशानी बनी हुई है तो उस परेशानी से छुटकारा पाने के लिये आज आपको अपने घर के बाहर पश्चिम दिशा में नीम का पेड़ लगाना चाहिए और उसकी नियमित रूप से देखभाल करनी चाहिए।
अगर आप अपनी दिन-दुगनी, रात-चौगनी तरक्की देखना चाहते हैं तो आज आपको शीतला माता के आगे घी का एक दीपक जलाना चाहिए और उनकी आरती का एक बार पाठ करना चाहिए।

अगर आपको अपने बिजनेस में पार्टनर से पूरी तरह सहयोग नहीं मिल पा रहा है, जिससे आपके काम पूरे नहीं हो पा रहे हैं तो आज आपको रोटी में शक्कर मिलाकर उसका चूरमा बनाना चाहिए और उससे भैरव बाबा को भोग लगाना चाहिए । साथ ही मंत्र का जाप करना चाहिए | मन्त्र है-‘ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ।’ मंत्र जाप के बाद थोड़ा-सा चूरमा प्रसाद के रूप में स्वयं खा लें और बाकी प्रसाद को दूसरे लोगों में बांट दें।
अगर आप अपनी नौकरी को लेकर कुछ परेशान हैं तो उस परेशानी से छुटकारा पाने के लिये आज आपको स्नान आदि के बाद शीतला चालीसा का पाठ करना चाहिए और पाठ करने के बाद देवी मां को पुष्प अर्पित करने चाहिए।
अगर आप देवी भगवती की कृपा अपने ऊपर बनाये रखना चाहते हैं और उनकी कृपा से जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो आज आपको भगवती शीतला की वन्दना करनी चाहिए और उनके इस मंत्र का 11 बार जाप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-
वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्।।

मार्जनी कलशोपेतां सूर्प अलंकृत मस्तकाम्।।

अगर आप अपनी आर्थिक स्थिति और बेहतर बनाना चाहते है, तो आज आपको स्नान आदि के बाद भैरव जी की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए और उन्हें जलेबी का भोग लगाना चाहिए । साथ ही उनके मंत्र का जाप करना चाहिए-‘ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ।’
अगर आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर करना चाहते हैं और लंबी आयु का वरदान पाना चाहते हैं, तो आज आपको माता शीतला के इस मंत्र का 51 बार जाप करना चाहिए । मंत्र इस प्रकार है-
मृणाल तन्तु सदृशीं नाभि हृन्मध्य संस्थिताम्।
यस्त्वां संचिन्त येद्देवि तस्य मृत्युर्न जायते।।

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अगर आप अपने हर काम में लाभ पाना चाहते हैं और कामयाबी हासिल करना चाहते हैं, तो आज आपको स्नान-आदि के बाद दूध-चावल की खीर बनानी चाहिए और उससे देवी मां को भोग लगाना चाहिए। देवी मां को भोग लगाने के बाद बाकी खीर को प्रसाद के रूप में बच्चों में बांट दें और थोड़ा-सा प्रसाद स्वयं भी खा लें।

अगर आप अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी करना चाहते हैं, तो आज आपको स्नान आदि के बाद शीतला मां का ध्यान करते हुए घर पर ही एक आसन बिछाकर बैठना चाहिए और मंत्रमहोद्धि में दिये देवी मां के इस नौ अक्षरों के मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए । मंत्र इस प्रकार है-‘ऊँ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः।’
अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे के ऊपर किसी ने जादू-टोना करवा रखा है,जिसके असर के चलते आपका बच्चा तरक्की नहीं कर पा रहा है तो आज एक मुट्ठी काले तिल लेकर, भैरव बाबा का ध्यान करते हुए अपने बच्चे के सिर से सात बार वार दें। ध्यान रहे छ बार क्लॉक वाइज़ और एक बार एंटी क्लॉक वाइज़ वारना है। वारने के बाद उन तिलों को किसी बहते पानी के स्रोत में प्रवाहित कर दें और तिल प्रवाहित करते समय मंत्र का जाप करें- ‘ऊँ ह्रीं बटुकाय आपद्उद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ऊँ।’ अन्य खबरों के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

स्रोतwww.indiatv.in
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