Shukrawar Upay: मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शुक्रवार को करें ये उपाय, सभी परेशानियां होंगी दूर

Shukrawar Upay: 20 मई को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि और शुक्रवार का दिन है। पंचमी तिथि इस दिन शाम 5 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। फिर दोपहर पहले 11

बजकर 25 मिनट तक शुभ योग रहेगा। शुभ योग अपने नाम की तरह ही बड़ा शुभ माना जाता है। इस योग में किए गए कामों से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही प्रसिद्धि की प्राप्ति होती है। उसके बाद शुक्ल योग लग जायेगा। शुक्ल पक्ष का नाम तो आपने सुना ही होगा। जब तक आसमान में बढ़ता हुआ चंद्र दिखाई देता है तब तक शुक्ल पक्ष होता है। अत: इस योग को मधुर चांदनी रात की तरह माना गया है अर्थात जैसे चांदनी की किरणें स्पष्ट बरसती हैं वैसे ही कार्य में सफलता जरूर मिलती है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए शुक्रवार से जुड़े कुछ खास उपाय जिससे अपनाकर आपको परेशनियों से छुटकारा मिलेगा।

अगर आप अपने जीवन में बड़ी उपलब्धियां पाना चाहते हैं और अपने समस्त कार्यों में सफलता सुनिश्चित करना चाहते हैं, तो इस दिन आपको विश्वेदेव का इस प्रकार ध्यान करना चाहिए-‘ऊँ इन्द्राय नमः, ऊँ अग्नये नमः ,ऊँ सोमाय नमः, ऊँ त्वष्ट्राय नमः , ऊँ रुद्राय नमः, ऊँ पूखनाय नमः , ऊँ विष्णुवे नमः ऊँ अश्विनीये नमः,ऊँ मित्रावरूणाय नमः,ऊँ अंगीरसाय नमः’ इस प्रकार विश्वेदेवों का ध्यान करने से आपको जीवन में बड़ी उपलब्धियों के साथ ही आपके समस्त कार्यों की सफलता भी सुनिश्चित होगी।
अगर आप अपने वैवाहिक जीवन को सुख और प्रसन्नता से भरा देखना चाहते हैं, तो इस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के दौरान कटहल के पेड़ या उसके फल का दर्शन करें और हाथ जोड़कर अपने वैवाहिक जीवन में सुख और सम्पन्नता लाने के लिए प्रार्थना करें। अगर आज के दिन कटहल के पेड़ का दर्शन करना संभव न हो, तो आप इंटरनेट या अपने फोन पर तस्वीर का दर्शन कर सकते हैं अगर ये भी संभव न हो तो मन में हरे-भरे कटहल के पेड़ की कल्पना करके उसे प्रणाम करें। ऐसा करने से आपका वैवाहिक जीवन सुख और प्रसन्नता से भरा रहेगा।
अगर आपके ऊपर अचानक से बहुत सारी जिम्मेदारियां आ गई हैं, जिससे आप मानसिक रूप से अशांति महसूस कर रहे हैं, तो इस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के दौरान आपको सूर्य के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-ॐ ह्रां ह्रीं हौं स: सूर्याय नम: ऐसा करने से आप अपनी सभी जिम्मेदारियों को बखूबी निभायेंगे और आपको मानसिक अशांति से भी छुटकारा मिलेगा।
अगर आपकी आमदनी का फ्लो अचानक से रुक गया है, तो फिर से फ्लो बढ़ाने के लिए इस दिन आपको एक लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा-सा गंगाजल डालकर सूर्यदेव को अर्पित करें, लेकिन ध्यान रहे उसमें से थोड़ा-सा जल बचाकर रख लें और उसे पूरे घर में छिड़क दें। ऐसा करने से आपकी आमदनी का फ्लो फिर से बढ़ने लगेगा।
अगर आप अपने और अपने परिवारवालों के जीवन में खुशियां ही खुशियां लाना चाहते हैं, तो इस दिन आपको स्नान आदि के बाद घर में किसी उचित स्थान पर आसन बिछाकर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठ जायें और सूर्यदेव के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-‘ऊँ घृणिः सूर्याय नमःऐसा करने से आपके और आपके परिवार में खुशियां ही खुशियां आयेंगी।
अगर आपको छोटी-छोटी बातों पर अत्यधिक गुस्सा आ जाता है, तो अपने गुस्से को काबू में रखने के लिए इस दिन आपको भगवान को गुड़ से बनी किसी चीज का भोग लगाना चाहिए। अगर गुड़ से बनी चीज का प्रसाद ना चढ़ा पायें, तो केवल गुड़ का ही भोग लगाएं। ऐसा करने से आप अपने गुस्से पर काबू पाने में सफल होंगे।
अगर आप मजबूत इरादों के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, तो इस दिन आपको स्नान आदि के बाद सूर्यदेव को नमस्कार करना चाहिए और उन्हें जल अर्पित करना चाहिए। जल अर्पित करने के लिए अगर तांबे का पात्र हो, तो और भी श्रेष्ठ है। ऐसा करने से आप मजबूत इरादों के साथ जीवन में बहुत आगे बढ़ेंगे।
अगर आप विद्या के क्षेत्र में अपना परचम लहराना चाहते हैं, तो इस दिन उत्तराषाढ़ा के दौरान सूर्यदेव को लाल पुष्प अर्पित करें। अगर इस दिन लालपुष्प ना मिल पाये तो आपको अपने मन में ही ये भाव रखे की आप सूर्यदेव को लाल पुष्प अर्पित कर रहे हैं। साथ ही सूर्य के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-;ॐ ह्रां ह्रीं हौं स: सूर्याय नम: ऐसा करने से विद्या के क्षेत्र में आपका परचम लहरेगा।
अगर आप किसी भी तरह की आंख संबंधी परेशानी से बचे रहना चाहते हैं, तो इस दिन स्नान आदि के बाद आपको सूर्यदेव को प्रणाम करके आदित्य हृदय स्रोत का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से आप आंख संबंधी परेशानियों से बचे रहेंगे और अगर आपको पहले से किसी प्रकार की आंख संबंधी परेशानी है, तो उससे भी आपको जल्द ही राहत मिलेगी।
अगर आप बेहतर स्वास्थ्य के साथ ही लंबी आयु भी पाना चाहते हैं या किसी पुरानी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो इस दिन आपको सूर्यदेव के इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। सूर्यदेव का मंत्र इस प्रकार है-‘ऊँ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्याय श्रीं’ इस मंत्र का जप करने से आपको बेहतर स्वास्थ्य के साथ ही लंबी आयु भी प्राप्त होगी। साथ ही की पुरानी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से छुटकारा भी मिलेगा।
अगर आप अपनी वाणी को मधुर और अपने स्वभाव को नम्र बनाये रखना चाहते हैं इस दिन एक बर्तन में जल भरकर, उसमें कुछ सिक्के डालकर मंदिर में रखें और अगले दिन उस बर्तन में से सिक्के निकालकर अपने पास संभालकर रख लें और जल को किसी पौधे या मनी प्लांट में डाल दें। ऐसा करने से आपकी वाणी मधुर और आपका स्वभाव नम्र बना रहेगा।

स्रोतwww.indiatv.in
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